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राहुल गांधी का BJP पर हमला, कहा- गुजरात के लिए चुनावी घोषणा पत्र तक नहीं किया जारी

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''बीजेपी ने गुजरात की जनता का अविश्वसनीय रूप से तिरस्कार किया है. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान खत्म हो चुका है, लेकिन बीजेपी की ओर से अभी तक सूबे की जनता के लिए कोई घोषणा पत्र जारी नहीं किया है. गुजरात के भविष्य के लिए बीजेपी ने न तो कोई विजन पेश किया है और न ही किसी तरह का आइडिया.''

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार थमते ही कांग्रेस ने बीजेपी पर चुनावी घोषणा पत्र जारी नहीं करने को लेकर करारा हमला बोला है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में सत्तारूढ़ बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र का ऐलान नहीं किया है. गुजरात के भविष्य के लिए बीजेपी के पास न कोई विजन है और न ही कोई आइडिया.

गुरुवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने ट्वीट किया, ''बीजेपी ने गुजरात की जनता का अविश्वसनीय रूप से तिरस्कार किया है. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान खत्म हो चुका है, लेकिन बीजेपी की ओर से अभी तक सूबे की जनता के लिए कोई घोषणा पत्र जारी नहीं किया है. गुजरात के भविष्य के लिए बीजेपी ने न तो कोई विजन पेश किया है और न ही किसी तरह का आइडिया.''

वहीं, गुजरात चुनाव को लेकर कांग्रेस अपना चुनावी घोषणा-पत्र पहले ही जारी कर चुकी है. कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में 'खुश रहे गुजरात, खुशहाल गुजरात' का नारा भी दिया है. कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कई लोक-लुभावन वादे किए गए हैं. कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सूबे के किसानों के कर्ज माफ करने, आधी कीमत में बिजली देने, 20 लाख युवाओं को रोजगार देंगे, पेट्रोल की कीमत 10 रुपये लीटर सस्ता करने, उच्च शिक्षा पाने वाले छात्रों को स्मार्टफोन और लैपटॉप देने के वादे किए हैं.

इसके अलावा कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गुजरात के खिलाड़ियों को सम्मानित करने, गरीब परिवारों को सस्ते में इलाज के लिए 'सरदार पटेल यूनिवर्सल हेल्थ केयर कार्ड' देने, व्यापारियों को GST में विशेष छूट देने, गरीबों के लिए 20 लाख LIG और MIG फ्लैट बनाने के अलावा ईबीसी, पाटीदार और गैर आरक्षित लोगों को शिक्षा व रोजगार का समान अधिकार देने जैसे तमाम वादे किए हैं.

कांग्रेस ने पाटीदारों को ST/SC/OBC के 49 फीसदी को छुए बिना आर्टिकल 31(c) के ध्यान में रखते हुए संविधान के आर्टिकल 46 के तहत आरक्षण देने का भी वादा किया है.

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