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गुजरात में वोटिंग के दौरान EVM पर उठे सवाल, विपक्ष ने एक सुर में उठाई आवाज

निर्वाचन आयोग को मिली शिकायत में राजकोट पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में भी ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ होने की बात कही गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात के प्रभारी अशोक गहलोत ने भी ईवीएम में आ रही गड़बड़ी के मामलों के बाद बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है. कांग्रेस नेता संजय निरूपम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अबदुल्ला ने भी ट्वीट कर EVM में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

यूपी, बिहार, दिल्ली के बाद अब गुजरात में पहले चरण की वोटिंग के दौरान भी ईवीएम में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं. इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को निर्वाचन आयोग से गुजरात में पहले चरण का मतदान के दौरान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में हुई गड़बड़ी के मामले में कदम उठाने का आग्रह किया है. राज्य में पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने इस संबंध में तुरंत कदम उठाने का अनुरोध किया है. गुजरात में पहले चरण की वोटिंग के दौरान सूरत, अमरेली, राजकोट समेत कई इलाकों में EVM में खराबी का मामला सामने आया है.

वोटिंग के दौरान गड़बड़ी

पहले चरण के मतदान के वक्त सूरत के वरच्छा में दो ईवीएम और एक वीवीपैट मशीन बदली गई है. पोरबंदर में ईवीएम के ब्लूटूथ से कनेक्ट होने का मामला भी सामने आया है. कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि गुजरात के  दलित बाहुल्य इलाकों में ईवीएम में खराबी आ रही है. इसी मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने ट्वीट किया, 'कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी होने की खबरें आई हैं, निर्वाचन आयोग से तुरंत जरूरी कदम उठाने का आग्रह करता हूं'. चुनाव आयोग को सौराष्ट्र और सूरत के कई मतदान केंद्रों के अलावा वलसाड जिले के कोसाम्बा क्षेत्र में ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी होने की कई शिकायतें मिली हैं.

बदली गईं कई मशीनें

निर्वाचन आयोग को मिली शिकायत में राजकोट पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में भी ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ होने की बात कही गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात के प्रभारी अशोक गहलोत ने भी ईवीएम में आ रही गड़बड़ी के मामलों के बाद बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है. कांग्रेस  नेता संजय निरूपम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अबदुल्ला ने भी ट्वीट कर EVM में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया.

लालू ने उठाए सवाल

कांग्रेस ही नहीं बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने भी इस पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से कठघरे में खड़ा किया है. उन्होंने ट्वीट किया, ईवीएम को लेकर बार-बार क्यों सवाल उठ रहे हैं, EC इसके लिए क्या दूरगामी हल निकाल रहा है, बीजेपी को ही इससे फायदा क्यों हो रहा है, कौन जवाब देगा.

पहले भी सवालों में EVM

लोकसभा चुनाव में एक भी सीट हासिल न करने वाली बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी की जीते के लिए EVM को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि कई मतदान केंद्रों पर बीएसपी को दिए गए वोट बीजेपी के खाते में चले गए जिसकी वजह से उनकी पार्टी बुरी तरह चुनाव हार गई. तब भी विपक्षी दलों ने उनका समर्थन किया था.

कांग्रेस ने इलेक्शन कमीशन पर भी साधा निशाना

कांग्रेस ने खराब ईवीएम मशीनों को लेकर इलेक्शन कमीशन पर निशाना साधा. कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी और गुजरात के प्रभारी अशोक गहलोत ने आजतक से खास बातचीत में कहा, कि जगह-जगह ईवीएम मशीन के खराब होने की बात हम तक आ रही है. हमने इलेक्शन कमिशन से शिकायत भी की थी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद ही देश के चुनाव हैं. जनता ही माई- बाप है और वही तय करती है कि कौन जीतेगा.

अशोक गहलोत ने कहा कि उस माई- बाप को तो कम से कम विश्वास दिलवाएं कि वह जिसको चाहता है, उसी के लिए मशीन के अंदर वोट पड़े. अगर चुनावों ही उसके साथ धोखाधड़ी होती है, तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होती है. पूरे देश में पता नहीं क्यों एक आशंका पैदा हो गई है कि ईवीएम मशीनों में कुछ गड़बड़ की जा सकती है.

यह केस सुप्रीम कोर्ट तक गया. सुप्रीम कोर्ट को भी आशंका थी इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से VVPAT को यूज करने के लिए कहा. अगर आशंका नहीं होती तो VVPAT क्यों शुरू किया था लेकिन VVPAT आने के बाद भी लोगों को आशंका है. मेरा तो मानना है कि बैलेट सिस्टम पर फिर से वापस जाना चाहिए. उनका कहना है कि चुनाव आयोग सभी बड़ी पार्टियों को बुला कर बात करे. उन्होंने बैलेट पेपर के बारे में बात करते हुए कहा कि मेरा ऐसा मानना है कि अगर दुनिया के बड़े देश फिर से बैलेट पेपर पर आ गए हैं तो हम क्यों नहीं आ सकते.

राजीव शुक्ला ने कहा कि गुजरात में जो माहौल है और जमीनी तौर पर जो लोग बदलाव की बात कर रहे हैं उससे लगता है इसमें कोई शक नहीं कि ईवीएम को लेकर बहुत शंकाएं हैं, देशभर के सभी राजनीतिक दलों ने ईवीएम को लेकर प्रश्न चिन्ह उठाए हैं. चुनाव आयोग की जिम्मेदारी होती है कि वह लोकतंत्र में तय करें कि किसी के दिल में शंका ना रह जाए. अमेरिका कनाडा में भी जब इतने शक्तिशाली देश बैलट से मतदान करते हैं तो यहां पर क्यों नहीं किया जा सकता.

केजरीवाल और अखिलेश ने भी घेरा

यूपी प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान भी विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर ईवीएम में गड़बड़ी और छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया था. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी पर ईवीएम में छेड़छाड़ कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया था. इसके बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की थी. हालांकि सत्ताधारी बीजेपी विपक्ष के सवालों को नकारते हुए इसे विपक्षा पार्टियों की हार की हताशा बताती आई है.

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