दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक तरफ राजनीतिक पार्टियां जहां चुनाव प्रचार में लगी है तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के सांसद परवेश वर्मा पर चुनाव आयोग ने एक बार फिर से बैन लगा दिया है. परवेश वर्मा पर 24 घंटे का बैन लगाया गया है. चुनाव आयोग ने परवेश वर्मा पर चुनावी रैली करने पर बुधवार शाम 6 बजे से गुरुवार शाम 6 बजे तक रोक लगा दी गई है.
दरअसल एक टीवी चैनल पर परवेश वर्मा ने एक विवादित बयान दिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है. यह दूसरी बार है जब परवेश वर्मा पर विवादित बयानों के चलते कार्रवाई की गई है.
बैन लगने के बाद परवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि कुछ घंटों के लिए आवाज तो दबा देंगे लेकिन उन लाखों कार्यकर्ताओं की आवाज कैसे दबाएंगे जो हर घड़ी, हर पल जनता तक आपका सच पहुंचा सकते हैं.
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बीजेपी सांसद ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी बताया था . आम आदमी पार्टी ने परवेश वर्मा के इस बयान पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि अब दिल्लीवालों को तय करना है कि मैं उनका बेटा हूं या आतंकवादी.
क्या था प्रवेश वर्मा का विवादित बयान?
चुनाव आयोग के 96 घंटे का बैन खत्म होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रवेश वर्मा ने एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा था. प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को कहा था अरविंद केजरीवाल नक्सली-देशद्रोही हैं, वह नटवरलाल हैं जो पीएम मोदी के बारे में आतंकियों के साथ साठ-गांठ की बात करते हैं.
आजतक से बात करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल की पाकिस्तान के मंत्री के साथ साठगांठ है और जो मैंने पहले बयान दिया था मैं उस बयान पर आज भी कायम हूं.
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गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रवेश वर्मा एक जनसभा में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग कर चुके हैं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनपर बैन लगाया था.