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समस्तीपुरः विकास और जाति के बीच झूलती रही राजनीति, किसके हाथ लगेगी बाजी?

समस्तीपुर सीट पर 2015 के चुनावों में राजद और जदयू ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. इसलिए यह सीट जीते हुए दल राजद के खाते में ही रही. इस बार राजद का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रेणु कुमारी से हुई जिसमें राजद ने जीत हासिल की.

समस्तीपुर विधानसभा पर होगा दिलचस्प मुकाबला (फाइल फोटो-Getty Images) समस्तीपुर विधानसभा पर होगा दिलचस्प मुकाबला (फाइल फोटो-Getty Images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2015 के चुनाव में जदयू-राजद मिलकर लड़े थे चुनाव
  • कर्पूरी ठाकुर की सीट रही है समस्तीपुर विधानसभा
  • जदयू को मजबूत प्रत्याशी की होगी दरकार

बिहार में समस्तीपुर विधानसभा सीट पर इस बार जेडीयू ने अश्वमेधा देवी, आरजेडी ने अख्तरुल इस्लाम शाहीन, एलजेपी ने महेंद्र प्रधान और शिवसेना ने कुंदन कुमार को मैदान में उतारा है. इस सीट पर सात नवंबर को हुए चुनाव में 59.53% मतदान दर्ज किया गया. चुनाव नतीजे 10 नवंबर को नतीजे आएंगे.

समस्तीपुर विधानसभा सीट पर पिछले दो चुनावों से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का कब्जा रहा है. अगर साल 2000 के विधानसभा चुनावों पर नजर डालें तो पता चलता है कि उस साल के चुनाव में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे और जदयू के रामनाथ ठाकुर ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अशोक सिंह को 11282 वोटों से मात दी थी.

इसके बाद 2005 के चुनाव में जदयू ने राजद को हराकर अपना कब्जा इस सीट पर दोबारा कायम रखा. मगर 2010 में राजद प्रत्याशी अख्तरूल इस्लाम शाहीन ने बाजी पलटते हुए जदयू के रामनाथ ठाकुर को करीबी मुकाबले में हराते हुए समस्तीपुर सीट पर जीत हासिल की और राजद की इस सीट पर लंबे समय बाद वापसी कराई.

वहीं 2015 के चुनावों में राजद और जदयू ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. इसलिए यह सीट जीते हुए दल राजद के खाते में ही रही. इस बार राजद का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार रेणु कुमारी से हुई. इसमें राजद ने जीत हासिल की थी. लेकिन महागबंधन के बिखरने के बाद इस बार फिर जदयू और राजद में टक्कर होने की संभावना होती, अगर रामनाथ ठाकुर राज्यसभा सांसद नहीं बनते. फिलहाल कह सकते हैं कि रामनाथ ठाकुर के राज्यसभा सांसद बनने के बाद जदयू को इस सीट के लिए मजबूत प्रत्याशी की की जरूरत होगी.

समस्तीपुर सीट को लेकर साल 2000 के पहले के विधानसभा चुनावों पर नजर डालते हैं. जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े अशोक सिंह ने बीपीपी के शाहिद हसन खान को हराकर जीत हासिल की थी. 1990 के चुनावों में भी अशोक सिंह ने कांग्रेस के विशेषवर राय को शिकस्त दी थी.  

कर्पूरी ठाकुर ने दी थी कांग्रेस को शिकस्त

लोक दल के टिकट पर अशोक सिंह ने कांग्रेस के जय नारायण राय  को 1985 में मात दी थी. 1980 के चुनावों में जनता पार्टी के कर्पूरी ठाकुर ने कांग्रेस के चंद्र शेखर वर्मा को शिकस्त दी थी. वहीं 1977 के चुनावों में जनता पार्टी के चंद्र शेखर सिंह ने कांग्रेस के राम चंद्र राय को मात दी थी.

जातिगत समीकरण

समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र में 2011 की जनगणना के मुताबिक कुल 396984 आबादी निवास करती है. इसमें 79.89%  आबादी गांवों में रहती है जबकि शहरी इलाकों में  20.11% जनसंख्या रहती है. इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का अनुपात क्रमशः 18.63 और 0.15 फीसदी है. 2019 की मतदाता सूची के मुताबिक समस्तीपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में  264542 मतदाता हैं जो 269 पोलिंग बूथों पर मतदान करेंगे.  2015 विधानसभा चुनावों में बीजेपी और राजद को क्रमशः 34.01% और 54.56% वोट मिले थे.

 

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