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Samastipur: उपेंद्र कुशवाहा बोले- हमको मौका दीजिए, हम शिक्षा व्यवस्था में सुधार करेंगे

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कुछ दिन पहले तक 15 साल बनाम 15 साल चल रहा था. सब लोग परेशान थे कि क्या होगा. लोग निराश थे कि अभी 15 साल तक जिनका शासन रहा उन्होंने भी कुछ नहीं किया. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं, अस्पतालों में दवाई नहीं, नौजवानों और मजदूरों के लिए कमाई नहीं.

उपेंद्र कुशवाहा (फोटो आजतक) उपेंद्र कुशवाहा (फोटो आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं'
  • 'सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं, अस्पतालों में दवाई नहीं'

आरएलएसपी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा समस्तीपुर के उजियारपुर में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे थे. जहां सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार हमको मौका दीजिए हम बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करेंगे.  

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कुछ दिन पहले तक 15 साल बनाम 15 साल चल रहा था. सब लोग परेशान थे कि क्या होगा. लोग निराश थे कि अभी 15 साल तक जिनका शासन रहा उन्होंने भी कुछ नहीं किया. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं, अस्पतालों में दवाई नहीं, नौजवानों और मजदूरों के लिए कमाई नहीं. नीतीश कुमार ने कहा तो बहुत कुछ लेकिन किया कुछ नहीं.  

15 साल बनाम 15 साल 

उपेंद्र कुशवाहा ने अपने संबोधन में लालू-राबड़ी के राज में बिहार का सबसे बुरा हाल बताते हुए कहा कि उनके राज में तो कुछ भी नहीं हुआ. नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार में विकास करेंगे. लेकिन आप सरकारी अस्पतालों के हाल देख लीजिए वहां इलाज नहीं होता दवाई नहीं मिलती वहां से वेतन उठाने वाले डॉक्टर अपने परिवार का इलाज निजी नर्सिंग होम में कराते हैं. 

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कुशवाहा ने आगे कहा कि ऐसा ही हाल सरकारी स्कूलों का देख लीजिए. उसमें पढ़ाने वाले शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं. दोनों के शासन में गरीबों के लिए कुछ नहीं हो सका. गरीब अपने बच्चों को डॉक्टर बनना चाहते हैं लेकिन उनके पास रुपए नहीं है कि वो निजी स्कूलों में पढ़ा सकें. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई होती नहीं है.

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