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पूर्णिया: रेणु का जिला जहां कांग्रेस-BJP दोनों को जीत की तलाश

कई लोगों का मानना है कि पूर्णिया नाम पूर्ण-अरण्य से निकला है जिसका मतलब होता है पूरी तरह वनों यानी जंगल से आच्छादित होना.

दिसंबर 2019 में पूर्णिया में कन्हैया कुमार की रैली दिसंबर 2019 में पूर्णिया में कन्हैया कुमार की रैली
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस का पुराना गढ़ रहा है पूर्णिया
  • कांग्रेस-भाजपा दोनों को यहां जीत की तलाश
  • दो बार से लोजपा जीत रही है यहां से

पूर्णिया जिले के उत्तर में बिहार का अररिया तथा किशनगंज जिला, पूर्व में पश्चिम बंगाल का दिनाजपुर, पश्चिम में मधेपुरा जिला, दक्षिण में भागलपुर तथा कटिहार जिले हैं. यह जिला अपने आप में विविधतापूर्ण लैंडस्केप को समेटे हुए है. पूर्णिया जिले के उत्तर के हिस्से में पथरीली जमीन और पूर्व की ओर नदियों और प्राकृतिक स्रोतों से बने कभी न सूखनेवाले दलदल और पश्चिम की ओर रेतीले घास के मैदान मिलते हैं. यहां गंगा के अलावा कोसी, महानंदा तथा पनार नदियां बहती हैं. जिले में पूर्व की ओर कहीं-कहीं उत्तम जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है. यहां बारिश जल्दी शुरू हो जाती है और अच्छी मात्रा में होती है. यहां बारिश का सालाना औसत 71 इंच रहता है. 

पूर्णिया नाम पड़ने की कई कहानियां
पूर्णिया में पूरण देवी का प्राचीन प्रसिद्ध मंदिर है. यह मुख्य शहर से करीब 5 किमी दूर है. कहा जाता है कि जिले के नाम इसी मंदिर पर पड़ा हुआ है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पूर्णिया नाम पूर्ण-अरण्य से निकला है जिसका मतलब होता है पूरी तरह वनों यानी जंगल से आच्छादित होना. देश की सीमा के पास का जिला होने के कारण यहां भारतीय थलसेना, वायुसेना के बेस हैं. इसके अलावा BSF, SSB, ITBP ने भी यहां अपने बेस बनाए हैं. पूर्णिया से निकलकर तीन जिले बने हैं. ये जिले हैं 1976 में बना कटिहार, अररिया और 1990 में बना किशनगंज जिला. पूर्णिया अपनी विशिष्ट निर्माण शैली वाले रामकृष्ण मिशन के लिए भी प्रसिद्ध है, जहां दुर्गा पूजा काफी धूमधाम के साथ मनाई जाती है. पूर्णिया में पूरण देवी का प्राचीन मंदिर भी है. 

पूर्णिया का सामाजिक तानाबाना
2011 की जनगणना के मुताबिक पूर्णिया जिले की आबादी करीब 32.65 लाख है. पूर्णिया जिले में भी स्त्री-पुरुष का अनुपात बराबर नहीं है. यहां 1000 पुरुषों पर स्त्रियों का अनुपात 930 है. पूर्णिया जिले में साक्षरता की दर 51.23 फीसदी है. 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले में करीब 62.19 फीसदी हिंदी भाषी लोग हैं. करीब 18.62 फीसदी लोग उर्दू भाषी हैं तो 10.72 फीसदी लोगों ने खुद को मैथिली भाषी बताया है. इसके अलावा 4.51 फीसदी लोग बंगाली, 2.57 फीसदी लोग संथाली भाषा बोलते हैं. बंगाल की नजदीकी ने इसे सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध किया है. यहां पर दुर्गापूजा काफी उल्लास के साथ मनाई जाती रही है. इस जिले में करीब 61 फीसदी हिंदू धर्म के मानने वाले लोग रहते हैं तो 38.46 फीसदी मुस्लिम रहते हैं

खेती-पशुपालन और छोटे उद्योग हैं आय का साध
पूर्णिया शहर सौरा नदी के पश्चिमी किनारे पर बसा है. पूर्णिया में धान के अलावा जूट, गेहूं, मक्का, मूंग, मसूर, गन्ना, आलू दालें, तिलहन और तंबाकू की भी पैदावार होती है. इसके अलावा नारियल, केला, आम, अमरूद, नींबू, अनानस और केले भी होते हैं. पूर्णिया में पशुपालन भी लोगों की आय का साधन है. यहां बकरी, गाय और सुअर पालन होता है. यही नहीं,  पूर्णिया जिले में बिहार में सबसे ज्यादा मुर्गी और अंडे की पैदावार होती है. उद्योगों में मोटे रंगीन कपड़े, बैलगाड़ियों के पहिए, चटाइयां और जूट का सामान बनाया जाता है. बनमनखी में चीनी मिल और 716 अन्य लघु उद्योग पूर्णिया में रोजगार का साधन हैं. हाल ही में नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन ने पूर्णिया बेसिन में प्राकृतिक गैस और तेल के भंडार की खोड की है. यहां पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का 465 मिलियन टन का भंडार है. 

पूर्णिया जिले का राजनीतक समीकरण
पूर्णिया जिले में पूर्णिया लोकसभा सीट आती है. यहां पर हुए अब तक के लोकसभा चुनावों में सात बार कांग्रेस को जीत मिली है. 1998 में पहली बार भाजपा ने यहां अपना खाता खोला था. इसके बाद वह दो बार और जीतने में सफल रही है. फिलहाल लगातार पिछली दो बार से यहां से जेडीयू को ही जीत मिल रही है. पूर्णिया जिले में सात विधानसभा सीटें- अमौर, बायसी, कसबा, बानामखी (अनुसूचिज जाति), रूपौली, धमदाहा और पूर्णिया आती हैं. इनमें से इस समय 2 सीटें कांग्रेस, 2 सीटें भाजपा और 2 सीटें जेडीयू के पास है. एक सीट पर आरजेडी के विधायक हैं. 

चर्चा में पूर्णिया 
हाल ही में पीएम मोदी ने 49 किमी पूर्णिया-नरेनपुर सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग का वर्चुअली उद्घाटन किया था. करीब 1805 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से पूर्णिया सीधे झारखंड के साहेबगंज जिले से जुड़ जाएगा.

पूर्णिया की प्रसिद्ध शख्सियतें
हिंदी साहित्य के चमकीले सितारे फणीश्वर नाथ 'रेणु' पूर्णिया जिले से ही आते हैं. उनके अलावा बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे भोला पासवान शास्त्री भी इसी जिले से रहे हैं. दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी पूर्णिया जिले से रहे हैं. बॉवीलुड में सक्रिय गुरमीत चौधरी भी पूर्णिया जिले से हैं.

जिले के प्रमुख पदाधिकारी
पूर्णिया जिले के कलेक्टर और DM राहुल कुमार हैं. उनकी ई-मेल आईडी dm-purnea.bih@nic.in है. उनका मोबाइल फोन नंबर 9473191358 और टेलीफोन नंबर 06454-242503 है और फैक्स नंबर- 06454-242599 है. पूर्णिया के SP विशाल शर्मा हैं. उनकी ई-मेल आईडी sp-purnea.bih@nic.in     है. उनका मोबाइल फोन नंबर 9431822998 और फैक्स नंबर 06454-242502 है. 

 

 

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