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बिहार चुनावों की घोषणा होने के साथ ही नीतीश कुमार ने बताए अपने 7 दृढ़ निश्चय

बिहार चुनावों के ऐलान के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश कुमार ने कहा कि हमने 7 दृढ़ निश्चय तय किए हैं. अगर जनता फिर से मौका देगी तो इन्हें प्रमुखता से पूरा करेंगे.

नीतीश कुमार (PTI फोटो) नीतीश कुमार (PTI फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नीतीश कुमार ने गिनाए अपने 7 दृढ़ निश्चय
  • कहा- जनता ने फिर मौका दिया तो करेंगे पूरा
  • नीतीश कुमार ने कहा- हमारा काम है सेवा करना

बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. कोरोना वायरस संकट के बीच देश में होने वाले ये पहले बड़े चुनाव हैं. शुक्रवार को चुनाव आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन तारीखों का ऐलान किया गया. इस बार बिहार में तीन चरणों में मतदान होंगे और 10 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे. 28 अक्टूबर को पहले चरण के लिए मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर और सात नवंबर को तीसरे चरण की वोटिंग होगी. चुनावों के ऐलान के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपने 7 दृढ़ निश्चय बताए.

बिहार चुनावों के ऐलान के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश कुमार ने कहा कि हमने 7 दृढ़ निश्चय तय किए हैं. अगर जनता फिर से मौका देगी तो इन्हें प्रमुखता से पूरा करेंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा आज घोषित किए गए बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का हम स्वागत करते हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि हमारा काम है सेवा करना है, लोगों ने मौका दिया था सेवा करने का तो हम सेवा करने को ही अपना धर्म मानते हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि जनता मालिक है. जनता मौका देगी तो आगे भी सेवा करेंगे. मेरा कोई निजी स्वार्थ तो है नहीं. पूरा बिहार ही मेरा परिवार है. कुछ लोग होते हैं जिनके लिए परिवार महत्वपूर्ण होता है. मेरे लिए तो बिहार ही परिवार है.

इस दौरान नीतीश कुमार ने अपने 7 दृढ़ निश्चयों को भी जनता के सामने रखा. उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी बाद में विस्तृत रूप से उपलब्ध करा दी जाएगी. यानी कि एकतरह से नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनावों को लेकर अपने घोषणा पत्र की रूपरेखा जनता के सामने रख दी है. नीतीश कुमार के दृढ़ निश्चयों में युवा, महिला, किसान, गांव, स्वास्थ्य, आवास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल दिखाई दिए.

1- युवा शक्ति बिहार की प्रगति- नीतीश कुमार ने अपने दृढ़ निश्चयों में सबसे ऊपर युवाओं को रखा. उन्होंने कहा कि हम हर तरह से युवाओं को आगे बढ़ने में सहयोग करेंगे. युवाओं के रोजगार के लिए हरसंभव मदद की जाएगी.

2- सशक्त महिला सक्षम महिला- महिलाओं के लिए भी नीतीश कुमार ने दृढ़ निश्चिय लिया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए बड़ा काम किया. इसके अलावा महिला उद्यमिता के लिए नई योजना चलाएंगे. लड़कियों के उत्तर शिक्षा के लिए भी योजना लाएंगे. क्षेत्रीय प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी.

3- हर खेत में पानी- नीतीश कुमार का तीसरा निश्चय किसान से जुड़ा था. उन्होंने कहा कि हर खेत में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाएंगे. ये बात हम तब से कह रहे हैं जब कोरोना नहीं आया था.

4- स्वच्छ गांव समृद्ध गांव- नीतीश कुमार ने कहा कि हर गांव में सोलर स्ट्रीट लगवाई जाएगी. ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी. कोई गंदी चीज नहीं रहेगी. हमने प्रयोग देखा है. जिसे लोग वेस्टेज मान कर फेंक देते हैं उसमें से 85 फीसदी का इस्तेमाल हो सकता है. कहीं कोई गंदगी नहीं रहेगी. मेंटेनेंस पर फोकस किया जाएगा. मशीनरी की देखभाल की जाएगी. पशु एवं मत्स्य संशाधनों का विकास किया जाएगा.

5- स्वच्छ शहर विकसित शहर- जिस तरह गांवों में अपशिष्ट प्रबंधन की बात कही उसी तरह शहरों को भी गंदगी से मुक्त किया जाएगा और अपशिष्ट को रिसाइकिल किया जाएगा. वृद्ध जनों हेतु आश्रय स्थल बनवाया जाएगा. जिनके बुजुर्गों के परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होगा या जिसको किसी तरह की कोई कठिनाई होगी वह वहां रह सकेगा. इसके अलावा शहरी गरीबों हेतु बहमुंजिला आवास का निर्माण कराया जाएगा. हम सिर्फ पटना की बात नहीं कर रहे न ही नगर निगम या नगर परिषद की बात कर रहे. हर शहर में सबको आवास उपलब्ध कराएंगे. जिस भी शहर में घाट है यानी जो नदी किनारे बसे हैं, वहां घाट पर विद्युत शव दाह गृह समेत मोक्ष धाम की व्यवस्था कराई जाएगी.

6- सुलभ संपन्न गांव-शहर- नीतीश कुमार ने कहा कि हर गांव का संपर्क शहर, तहसील और ब्लॉक से जोड़ा जाएगा. नई सड़कों का निर्माण होगा. जहां जनसंख्या घनत्व ज्यादा होगा वहां बाइपास का निर्माण होगा. जरूरत के आधार पर फ्लाइओवर का निर्माण बनेगा.

7- सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा- नीतीश कुमार ने कहा कि चाहे पशु हो या इंसान सबके लिए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. गांव में पशुओं का इलाज बेहतर किया जाएगा. नई टेक्नॉलजी के जरिए लोग तुरंत सूचना भेज सकेंगे. बाद में विस्तृत रूप से बताया जाएगा. पशुपालन करने वाले लोगों के पशु बीमार हो जाते थे तो उन्हें दिक्कत हो जाती थी.

 

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