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अमरपुर विधानसभा सीट: JDU की नजर लगातार तीसरी जीत पर, कर लेगी RJD की बराबरी

अमरपुर में विधानसभा के 15 चुनावों में कांग्रेस को 4, आरजेडी को 3 और जेडीयू को 2 बार जीत मिली है. अमरपुर में हुए विधानसभा के पिछले 2 चुनावों में जेडीयू विजयी रही है.

सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो) सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बांका जिले में आती है अमरपुर विधानसभा सीट
  • जेडीयू का है इस सीट पर कब्जा
  • जनार्दन मांझी हैं अमरपुर के विधायक

बिहार की अमरपुर विधानसभा सीट बांका जिले में आती है. इस सीट पर कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू तीनों ही पार्टियों का जादू चला है. लेकिन पिछले दो चुनावों से यहां पर जेडीयू को जीत मिलती आई है. जेडीयू के जनार्दन मांझी यहां के विधायक हैं. उन्होंने 2015 के चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को मात दी थी. हालांकि, इस बार के चुनाव में बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन है तो ऐसे में मुकाबला NDA और महागठबंधन के उम्मीदवार के बीच होना तय है. 

सामाजिक ताना-बाना

अमरपुर शहर को 14 वार्डों में विभाजित किया गया है. यहां पर भगत समाज के लोग अच्छी खास संख्या में रहते हैं. 20 साल पहले तक यहां पर गन्ने की मिलें हुआ करती थीं. नवीनतम तकनीक न अपनाने और सरकारी सहायता की कमी के कारण कई मिल बंद हो गईं. यहां रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है.

2011 की जनगणना के अनुसार, अमरपुर की जनसंख्या 4,00,661 है. यहां की 93.68 फीसदी आबादी ग्रामीण और 6.32 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है. 2019 की वोटर लिस्ट के मुताबिक, अमरपुर में 2,89,171 मतदाता हैं. बीजेपी, जेडीयू, कांग्रेस और आरजेडी यहां की मुख्य पार्टियां हैं. जेडीयू के जर्नादन मांझी अमरपुर के विधायक हैं. 

राजनीतिक पृष्ठभूमि

अमरपुर विधानसभा 1957 अस्तित्व में आई. यहां पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस के शीतल भगत ने जीत हासिल की थी. उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार नित्या सिंह को मात दी थी. अमरपुर में विधानसभा के 15 चुनावों में कांग्रेस को 4, आरजेडी को 3 और जेडीयू को 2 बार जीत मिली है. अमरपुर में हुए विधानसभा के पिछले 2 चुनावों में जेडीयू विजयी रही है.

दोनों ही बार जनार्दन मांझी ने बाजी मारी. इस सीट पर आरजेडी के सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने विधानसभा के चार चुनावों में जीत हासिल की. अमरपुर में सिर्फ आरजेडी ही अकेली पार्टी रही है जो लगातार तीन चुनावों में जीती है. कांग्रेस और जेडीयू लगातार दो-दो बार ही जीतने में कामयाब रही है. जेडीयू के पास इस बार मौका है, अगर वो इस विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर लेती है तो आरजेडी की बराबरी कर लेगी.

2015 का जनादेश

2015 के विधानसभा चुनाव में अमरपुर में 2,76830 मतदाता थे. इसमें से 54 फीसदी पुरुष और 45.98 फीसदी महिला वोटर्स थीं. अमरपुर में 1,53,930 लोगों ने वोट डाले थे. यहां पर 55 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस चुनाव में जेडीयू के जनार्दन मांझी ने जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के मृणाल शेखर को मात दी थी. वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार सुरेंद्र प्रसाद तीसरे स्थान पर रहे थे. जनार्दन मांझी के खाते में 73,707 (47.89 फीसदी) वोट पड़े थे तो वहीं मृणाल शेखर को 61934 (40.24 फीसदी) वोट मिले थे. जनार्दन मांझी ने 12 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी. 

ये प्रत्याशी हैं मैदान में

अमरपुर विधानसभा सीट पर 12 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां से जेडीयू के जयंत राज और कांग्रेस के जितेंद्र सिंह प्रत्याशी हैं. इसके अलावा एलजेपी के मृणाल शेखर भी मैदान में हैं. अमरपुर में मुकाबला जेडीयू और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है. हालांकि, बीजेपी से एलजेपी में आए मृणाल शेखर जेडीयू का खेल बिगाड़ सकते हैं. 

कब होगी वोटिंग

अमरपुर में पहले चरण के तहत मतदान होगा. यहां पर 28 अक्टूबर को वोटिंग होगी. वहीं, मतगणना 10 नवंबर को की जाएगी. 

जर्नादन मांझी के बारे में

1 मई 1944 को जन्मे जर्नादन मांझी की शैक्षिणिक योग्यता मैट्रिक है. उन्होंने साल 1995 में राजनीति में एंट्री की. 2005 में चुनाव जीतकर वह पहली बार विधानसभा पहुंचे. जनार्दन मांझी समता पार्टी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. 

 

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