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TMC का आरोप- आंबेडकर जयंती पर बाबुल सुप्रियो ने गलत तस्वीर लगाई, EC से की शिकायत

टीएमसी ने बाबुल सुप्रियो के ट्वीट को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है कि उन्होंने आंबेडकर जयंती पर जो ट्वीट किया था, उसमें इस्तेमाल की गई प्रस्तावना की तस्वीर में समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द नहीं था. टीएमसी ने इसे संविधान का अपमान बताया. 

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बाबुल सुप्रियो
बाबुल सुप्रियो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बाबुल सुप्रियो पर TMC का निशाना
  • आंबेडकर जयंती पर प्रस्तावना की गलत तस्वीर लगाने का आरोप

पश्चिम बंगाल की सियासी जंग में टीएमसी और बीजेपी एक दूसरे पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं चूकते. डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती पर बीजेपी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो के एक ट्वीट को लेकर अब टीएमसी ने उनपर निशाना साधा है. टीएमसी ने चुनाव आयोग (ECI) से इसको लेकर शिकायत की है. 

दरअसल, टीएमसी ने बाबुल सुप्रियो के ट्वीट को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है कि उन्होंने आंबेडकर जयंती पर जो ट्वीट किया था, उसमें इस्तेमाल की गई प्रस्तावना की तस्वीर में समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द नहीं था. टीएमसी ने इसे संविधान का अपमान बताया. 

आंबेडकर जयंती पर बाबुल सुप्रियो का ट्वीट

इस बीच बीजेपी की ओर से अमित मालवीय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता सरकार निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कोच बिहार की घटना नियोजित थी. ममता बनर्जी ने 8 अप्रैल को बयान दिया था, उसके कारण हिंसा हुई. मालवीय ने दावा किया कि आनंद बार्मन अपना वोट देने के लिए लाइन में खड़ा था, उसको मारा और हत्या की, क्योंकि आनंद बीजेपी में था. टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने बूथ क़ब्ज़ाने की कोशिश की थी. सुरक्षा बलों के साथ हिंसा की. 

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गौरतलब है कि बंगाल में चार चरण का मतदान हो चुका है. अभी भी चार चरण का चुनाव बाकी है. यहां कुल आठ चरणों में मतदान होना है. ऐसे में बंगाल में सियासी घमासान जारी है. इससे पहले कोच बिहार हिंसा को लेकर दोनों दल एक दूसरे पर हमलावर थे. इसके कुछ समय बाद अब आंबेडकर जयंती पर बाबुल सुप्रियो के एक ट्वीट पर सियासत शुरू हो गई है. 

उधर, पश्चिम बंगाल में कोरोना के नए मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं. इस बीच चुनाव आयोग ने नेताओं के चुनाव प्रचार के दौरान कोविड नियमों की अनदेखी को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इससे पहले आयोग ने नेताओं को हिदायद दी थी कि वो प्रचार के दौरान कोरोना के नियमों का पालन करें. चुनाव आयोग ने कहा था कि ऐसा नहीं करने पर चुनाव प्रचार पर बैन तक लग सकता है.

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