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कोच बिहार में वोटिंग के दौरान कैसे भड़क गई हिंसा? बंगाल के ADGP और CISF ने बताई पूरी स्टोरी

इस घटना पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है. आयोग ने विशेष पर्यवेक्षकों से अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सितालकुची के बूथ नंबर 126 में मतदान स्थगित करने का आदेश दिया. साथ ही आज शाम 5 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.  

कोच बिहार में बूथ के अंदर हिंसा के बाद का नजारा कोच बिहार में बूथ के अंदर हिंसा के बाद का नजारा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोच बिहार में वोटिंग के दौरान हिंसा
  • चार लोगों की मौत के बाद वोटिंग बंद
  • बंगाल के ADGP ने कहा- CISF ने की फायरिंग

पश्चिम बंगाल में चौथे चरण के मतदान के दौरान कोच बिहार के सितालकुची में हिंसा भड़क गई. इस हिंसक झड़प में चार लोगों की जान चली गई. बंगाल के ADGP जगमोहन ने बताया कि ग्रामीणों के हमले के बाद केंद्रीय बल के जवानों की ओर से गोली चली, चार लोगों की मारे जाने की पुष्टि हुई है. हालांकि, टीएमसी नेताओं की तरफ से ज्यादा लोगों की मौत के दावे किए जा रहे हैं.

कोच बिहार की घटना पर बात करते हुए पश्चिम बंगाल के ADGP ने बताया कि वोट करने के लिए एक युवक आया था, अज्ञात कारणों से उसकी मौत हो गई. इसी दौरान गश्त पेट्रोलिंग पर गए सीआईएसएफ जवानों को गांववालों ने घेर लिया था. गांववालों के हमले के बाद सीआईएसएफ की ओर से फायरिंग की गई. इसमें चार लोगों की मौत हो गई. 

घटना की जानकारी के मुताबिक, सितालकुची में पुल पर पहले 18 साल के एक युवक की गोली लगने से मौत की खबर आई थी. इसी के बाद केंद्रीय बल के और जवान वहां पहुंचे. लेकिन जब वहां जवान पहुंचे तो नाराज भीड़ ने जवानों पर अटैक कर दिया. ऐसे में केंद्रीय बलों के जवानों ने हवाई फायर की बजाय लोगों पर गोली चला दी. 

हालांकि, अभी तक 18 वर्षीय युवक की मरने की खबर की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है. लेकिन केंद्रीय बलों की गोली से 4 लोगों की मौत की खबर की पुष्टि हुई है. खुद बंगाल के ADGP ने कहा है कि ग्रामीणों के हमले के बाद केंद्रीय बल के जवानों की ओर से गोली चली, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. 

वहीं, इस घटना को लेकर CISF ने बयान जारी किया. जिसमें कहा गया है कि बूथ संख्या 126 के पास, इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अगुवाई वाली CISF की टीम पर उपद्रवियों की भीड़ द्वारा हमला किया गया था. इस दौरान हाथापाई में एक बच्चा नीचे गिर गया और उपद्रवियों ने क्यूआरटी के वाहन को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया और क्यूआरटी कर्मियों पर हमला किया. क्यूआरटी ने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी और भीड़ को हटाने के लिए छह राउंड हवाई फायर किए.  

इसके एक घंटे के बाद भीड़ का एक और समूह (लगभग 150 लोग) बूथ नंबर 186 में घुस हो गया और ड्यूटी पर मौजूद मतदान कर्मचारियों को रोकना शुरू कर दिया. सबसे पहले उन्होंने होमगार्ड और आशा कार्यकर्ता की पिटाई की, जो बूथ पर ड्यूटी पर मौजूद थे. CISF जवान ने उपद्रवियों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने मतदान केंद्र में अन्य पोलिंग स्टाफ की पिटाई कर दी. कुछ उपद्रवियों ने वहां तैनात सीआईएसएफ कर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की. नतीजतन, CISF कर्मियों ने हवा में दो राउंड फायर किए, लेकिन भीड़ ने चेतावनी पर कोई ध्यान नहीं दिया. 

कुछ ही देर फोर्स के और लोग आ गए और खतरे को देखते हुए आत्मरक्षा में उपद्रवियों की भीड़ पर 7 और राउंड गोलियां चलाईं. परिणामस्वरूप कुछ लोग घायल हो गए. जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया. 

उधर, इस घटना को लेकर टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन का कहना है कि आठ लोगों की मौत हुई है. टीएमसी ने मृतकों को अपने कार्यकर्ता भी बताया है. वहीं, सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि हमारा डर सच हुआ. केंद्रीय गृह मंत्रालय केंद्रीय बलों को प्रभावित कर रहा है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी जानती है कि वे चुनाव हार रहे हैं, इसलिए वे अब मतदाताओं को मार रहे हैं. ममता ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और वोट के जरिए बदलने की बात कही.

इस घटना पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है. आयोग ने उस पोलिंग बूथ पर वोटिंग स्थगित कर दी है जहां ये हिंसा हुई. आयोग ने विशेष पर्यवेक्षकों से अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सितालकुची के बूथ नंबर 126 में मतदान स्थगित करने का आदेश दिया. साथ ही आज शाम 5 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.  

जबकि दूसरी तरफ बीजेपी और टीएमसी दोनों ही दलों के प्रतिनिधिमंडल आयोग जाने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कूचबिहार की घटना पर दुख जताया. उन्होंने सिलीगुड़ी में एक रैली को सबोधित करते हुए कहा कि कोच बिहार में जो हुआ दुखद हुआ. चुनाव आयोग सख्त एक्शन ले. 

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