Rohit Shukla
SP
Pusplata Bind
BSP
Shiv Shanker Chaubey
INC
Nota
NOTA
Shesh Dhar Dubey
AAAP
Deepa Maurya
JANADIP
Kallu
IND
Mrityunjay Singh
SURSAP
Abhishek Tripathi
PMSP
Isarar Ahmad
RTSMJD
Dr. Akhilesh Kumar Dwivedi
JD(U)
Devendra Prasad Mishra
VSIP
Archana Mishra
LJPRV
Kamalesh Kumar Mishra
RSTRVVP
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की बिसात बिछाई जाने लगी है. बीजेपी यूपी की सभी 403 सीटों पर सीक्रेट सर्वे करा रही है, सर्वे सिर्फ अपनी ही सीटों पर ही नहीं बल्कि सहयोगी दलों की सीटों पर रिपोर्ट तैयार कर रही है. माना जा रहा है कि कई पुराने चेहरों को पत्ता कट सकता है.
आगामी यूपी विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के सहयोगी दल आरएलडी ने बीजेपी के सामने 33 से ज्यादा सीटों चुनाव लड़ने का दावा ठोक दिया है. बताया जा रहा है कि जयंत की पार्टी ने अपनी इस मांग में 2022 चुनाव के प्रदर्शन को आधार बनाया था.
संत रविदास की जयंती यानि गुरु पुर्णिमा के दिन बीजेपी समरसता संकल्प अभियान यात्रा की शुरुआत कर रही है. बीजेपी ने इस यात्रा के जरिए उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, उत्तराखंड सहित इस साल होने वाले सात राज्यों में दलित समुदाय को साधने का दांव चला है.
पेपर लीक पर छात्रों के उपजे गुस्से को शांत करने के लिए बीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया है. धर्मेंद्र प्रधान कुर्मी समाज से आते हैं, जिसे ओबीसी की प्रभावशाली जातियों में गिना जाता है. ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बीजेपी के लिए यूपी में कहीं सियासी वरदान न बन जाए?
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद क्षेत्र में चुनावी सभा के साथ यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के बसपा अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. इस कार्यक्रम के दौरान आकाश आनंद सादाबाद सीट से बसपा उम्मीदवार अविन शर्मा के नाम का एलान कर सकते हैं.
AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी यूपी में सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहते हैं, लेकिन कोई भी विपक्ष उनके हाथ नहीं मिला रहा है. बिहार में जिस तरह लालू प्रसाद यादव ने ओवैसी से दूरी बनाए रखी थी, उसी तरह की स्थिति यूपी में भी दिख रही है. सवाल यह है कि आखिर क्यों ओवैसी से कोई गठबंधन नहीं चाहता है?
मैनपुरी में सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले नौकरी में पैसे और चेहरे को अहमियत मिलती थी, लोग मैनपुरी के नाम से डरते थे. साथ ही कहा कि उनकी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर अपराधियों पर सख्ती की.
पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर अब सियासत गर्मा गई है. आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी मोर्चा खोल रखा है, पहले संसद भवन में धरना प्रदर्शन किया और अब 25 जुलाई को फिर से सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है.
उत्तर प्रदेश में भले ही अभी चुनाव का ऐलान न हुआ हो, लेकिन बीजेपी ने अपनी सियासी एक्सरसाइज तेज कर दी है. बीजेपी ने सूबे की सभी 403 विधानसभा सीटों के बूथ प्रबंधन में जुट गई है. ऐसे में सपा-बसपा के मजबूत आधार वाले बूथ को फतह करने की तैयारी बीजेपी ने की है.
दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू ही पेपर लीक की लड़ाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के दरवाजे तक पहुंचा दिया है. अब दिल्ली से शुरू हुए आंदोलन की तपिश से यूपी की सियासत गर्मा गई है, लेकिन क्या बीजेपी के कठघरे में खड़ा कर पाएंगे?