मझवां उत्तर प्रदेश विधानसभा के 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. यह क्षेत्र मिर्जापुर जिले के अंतर्गत आता है, जो पूरे शहर को कवर करता है. मझवां निर्वाचन क्षेत्र में 20 नवंबर 2024 को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी और 23 नवंबर को रिजल्ट घोषित किया जाएगा.
मझवां मिर्जापुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के पांच विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. 2008 परिसीमन के बाद इसे 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से 397 नंबर मिला.
2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मझवां सीट से आम आदमी पार्टी के प्रकाश चंद त्रिपाठी ने जीत हासिल की. जबकि 2017 चुनाव में बीजेपी की सुचिस्मिता ने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार रमेश चंद बिंद को 41,159 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी.
Rohit Shukla
SP
Pusplata Bind
BSP
Shiv Shanker Chaubey
INC
Nota
NOTA
Shesh Dhar Dubey
AAP
Deepa Maurya
JANADIP
Kallu
IND
Mrityunjay Singh
SkSP
Abhishek Tripathi
PMSP
Isarar Ahmad
RSD (R)
Dr. Akhilesh Kumar Dwivedi
JD(U)
Devendra Prasad Mishra
VIP
Archana Mishra
LJP (R)
Kamalesh Kumar Mishra
RVVP
आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के एनडीए के साथ आने से सियासी कुनबा जरूर बढ़ गया है, लेकिन बीजेपी के विधायकों की टेंशन बढ़ गई है. आरएलडी 2027 में पश्चिमी यूपी में उन तमाम सीटों पर नजर लगाए हुए हैं, जिस पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी कैसे संतुलन बनाएगी?
बसपा के लिए 2027 का चुनाव सियासी वजूद को बचाए रखने का है, लेकिन दूसरे दलों के नेताओं की बसपा में इनकमिंग हो नहीं रही है और आउटगोइंग लगातार जारी है. मायावती के राजनीतिक पॉलिसी से 2027 में बसपा का क्या होगा?
2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा में नेताओं की एंट्री कम और निष्कासन ज्यादा दिख रहा है. मायावती की सख्त रणनीति से संगठन और सामाजिक समीकरण प्रभावित होने की चर्चा है. दलित-मुस्लिम वोट बैंक को साधे रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है.
बीजेपी ने साफ कर दिया है कि 2027 यूपी चुनाव में योगी आदित्यनाथ ही चेहरा होंगे. इससे नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लग गया है. सवाल यह है कि यह ऐलान अखिलेश यादव के लिए मौका है या चुनौती? एक ओर PDA और अगड़ा-पिछड़ा विमर्श के जरिए सपा इसे अपने पक्ष में मोड़ना चाहेगी, दूसरी ओर योगी की कानून व्यवस्था, हिंदुत्व और विकास की छवि बीजेपी की ताकत बनी रहेगी.
बीजेपी ने यूपी में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं. बीजेपी यूपी में किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी, इस बात का खुलासा पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने खुद ही कर दिया है. इतना ही नहीं सूबे में सत्ता की हैट्रिक लगने का भी दावा किया है.
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए बड़ा चुनावी कार्ड खेल दिया है. लखनऊ में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने एलान किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये की पेंशन दी जाएगी.
उत्तर प्रदेश में सपा प्रमुख अखिलेश यादव फिर से 2024 के फार्मूले से 2027 में बीजेपी को मात देने का प्लान बनाया है. सपा यूपी में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, जिसके लिए अखिलेश यादव के मन में सीट शेयरिंग से लेकर कांग्रेस की भूमिका तक का खाका तैयार है.
यूपी चुनाव 2027 को लेकर अखिलेश यादव ने सपा-कांग्रेस गठबंधन, सीट शेयरिंग और वोटबैंक साधने की रणनीति तैयार की है. उनका फोकस जीतने वाले उम्मीदवारों और व्यापक सामाजिक समीकरण पर है, ताकि बीजेपी को कड़ी टक्कर देकर सत्ता में वापसी की जा सके.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी 2027 के चुनाव से पहले अपने संगठन और सरकार के सियासी समीकरण को दुरुस्त कर लेना चाहती है. ऐसे में बीजेपी यूपी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके लिए योगी के मंत्रिमंडल से लेकर पार्टी संगठन में भी बड़ा फेरबदल करने की प्लानिंग है.
एसआईआर के बाद यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो गई है. इस वोटर लिस्ट में जो आंकड़े सामने आए हैं, वह बीजेपी के लिए टेंशन बढ़ाने वाले हैं. पार्टी के मजबूत गढ़ में 18 से 23 फीसदी तक वोट कटे हैं, जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों में वोट कटौती कम रही है.