Shuchismita Maurya
BJP
Radhika Singh
SVKP
Shiv Pujan
RSJP
Prahalad
IND
Dr. Akhilesh Kumar Dwivedi
NCP
Prakash Chandra Maurya
RJMP
Ramlakhan
IND
Rajesh
IND
Vishal
BRBP(I)
Deepak Tiwari
BSP
Swyambar
PGSMS
Dr. Jyoti Bind
SP
Shambhunath
ASPKR
मझवां उत्तर प्रदेश विधानसभा के 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. यह क्षेत्र मिर्जापुर जिले के अंतर्गत आता है, जो पूरे शहर को कवर करता है. मझवां निर्वाचन क्षेत्र में 20 नवंबर 2024 को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी और 23 नवंबर को रिजल्ट घोषित किया जाएगा.
मझवां मिर्जापुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के पांच विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. 2008 परिसीमन के बाद इसे 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से 397 नंबर मिला.
2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मझवां सीट से आम आदमी पार्टी के प्रकाश चंद त्रिपाठी ने जीत हासिल की. जबकि 2017 चुनाव में बीजेपी की सुचिस्मिता ने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार रमेश चंद बिंद को 41,159 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी.
Rohit Shukla
SP
Pusplata Bind
BSP
Shiv Shanker Chaubey
INC
Nota
NOTA
Shesh Dhar Dubey
AAP
Deepa Maurya
JANADIP
Kallu
IND
Mrityunjay Singh
SkSP
Abhishek Tripathi
PMSP
Isarar Ahmad
RSD (R)
Dr. Akhilesh Kumar Dwivedi
JD(U)
Devendra Prasad Mishra
VIP
Archana Mishra
LJP (R)
Kamalesh Kumar Mishra
RVVP
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांशीराम की जयंती को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग करते हुए कांग्रेस की पुरानी गलतियों का जिक्र किया. इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर दलित विरोधी राजनीति का आरोप लगाया. दोनों नेताओं के बयान से साफ है कि 2027 चुनाव से पहले दलित वोट की सियासत तेज हो रही है.
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती 15 मार्च को है, लेकिन कांग्रेस ने उनके नाम पर शुक्रवार को लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम रखा है. इसमें राहुल गांधी शिरकत करेंगे. माना जा रहा है कि कांशीराम के बहाने कांग्रेस एक बार फिर से अपने पुराने जनाधार को वापस लाने की कवायद में है, लेकिन क्या मायावती से छीन पाएगी?
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के द्वारा पहली बार रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन गुरुवार को मेरठ में हो रहा है. इस इफ्तार में प्रदेश और देश के तमाम बड़े नेता शिरकत कर रहे हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी रोजा इफ्तार के जरिए सपा के सबसे बड़े वोटबैंक में सेंधमारी करने की रणनीति बनाई है.
उत्तर प्रदेश में भले ही अगले साल विधानसभा चुनाव है, लेकिन उससे पहली ही सियासी समीकरण सेट किए जाने लगे हैं. बसपा संस्थापक कांशीराम की जंयती को इस बार सपा से लेकर कांग्रेस और बीजेपी तक ने मनाने का फैसला किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि सबको कांशीराम याद आने लगे हैं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव मिशन 2027 का आगाज नोएडा के दादरी से कर रहे हैं, जिसके जरिए सिर्फ पश्चिमी यूपी को साधने का दांव नहीं है बल्कि सपा के सियासी केमिस्ट्री बनाने की है. सपा की रणनीति गुर्जर वोटों को साधकर बीजेपी के वोटबैंक में सेंधमारी करने का है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आरएसएस और बीजेपी की एक मीटिंग का हिस्सा लिया. इस दौरान 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन का रिव्यू किया गया. साथ ही 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई.
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से बसपा प्रमुख मायावती ने अभी से अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान शुरू कर दिया है. बसपा ने यूपी की चार सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की टिकट की हरी झंडी दे दी है, जिसमें दो मुस्लिम और दो ब्राह्मण चेहरे हैं.
उत्तर प्रदेश में कांशीराम की विरासत को लेकर सियासत गर्मा गई है. सपा कांशीराम की जयंती को पीडीए दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर दलित वोटों को साधने की कवायद में है. वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने सपा के मिशन कांशीराम को नाटकबाजी करार दिया है.
उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद 2027 में मेरठ की हस्तिनापुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि चंद्रशेखर की जन्मभूमि सहारनपुर है और कर्मभूमि बिजनौर को बनाया, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए मेरठ की हस्तिनापुर सीट को क्यों चुन रहे?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं. कोई खुलकर ब्राह्मण वोटर को संबोधित कर रहा है, तो कोई दबी जुबान से. या फिर खामोशी भी अख्तियार की जा रही है - लेकिन ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में रैली कर इरादा तो जाहिर कर ही दिया है.