पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल के बीच I-PAC को लेकर सियासत गरमा गई है. तृणमूल कांग्रेस ने जहां फर्म के कामकाज बंद होने की खबरों को खारिज किया, वहीं अब उसने अचानक अपने ऑपरेशन में कई बड़े बदलाव कर दिए हैं. वर्क-फ्रॉम-होम से लेकर कम्युनिकेशन पर रोक तक, इन फैसलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
I-PAC द्वारा किए गए बदलावों के तहत कुछ टीमों को वर्क-फ्रॉम-होम पर भेजा गया है. उनके बातचीत के तरीकों को सीमित कर दिया गया है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब I-PAC की भूमिका को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है. I-PAC के कई विभागों को तुरंत प्रभाव से वर्क-फ्रॉम-होम मोड में काम करने के निर्देश हैं.
कामकाज से जुड़े ये नए दिशा-निर्देश 18 अप्रैल की देर रात फर्म के नेतृत्व द्वारा जारी किए गए. इन बदलावों के पीछे अंदरूनी कानूनी कारणों का हवाला दिया गया है. नए नियमों के तहत कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी बाहरी पक्ष से बातचीत के लिए अपनी आधिकारिक ईमेल आईडी का इस्तेमाल न करें.
TMC का आरोप- डराने की साजिश
इससे एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था कि I-PAC पश्चिम बंगाल में अपना कामकाज बंद कर रही है. पार्टी ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उसके चुनावी प्रचार तंत्र को पंगु बनाने की कोशिश कर रही है. इसके सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
20 दिन की छुट्टी और नया विवाद
दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि I-PAC ने अपने कर्मचारियों से काम रोकने और 20 दिनों की छुट्टी पर जाने को कहा है. यह भी कहा गया कि 11 मई तक पश्चिम बंगाल में कामकाज निलंबित रह सकता है. हालांकि, TMC ने इन दावों को बेबुनियाद बताया और जोर देकर कहा कि I-PAC की टीम राज्य में पूरी तरह सक्रिय है.
कानूनी दबाव और जांच का साया
TMC के मुताबिक, चुनाव प्रचार तय रणनीति के अनुसार जारी है. पार्टी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल गलत जानकारी या दबाव से प्रभावित नहीं होगा. इसके साथ ही यह भी कहा कि 23 और 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग के दौरान पश्चिम बंगाल की जनता अपना फैसला सुनाएगी. चुनाव परिणाम उसके पक्ष में होगा.
ममता बनर्जी का दौरा और आरोप
I-PAC को लेकर यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ED सक्रिय हुई. जांच एजेंसी पहले ही कोयला तस्करी मामले में कंपनी के कोलकाता कार्यालय और उसके संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी कर चुकी है. इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए थे.
I-PAC के सह-संस्थापक गिरफ्तार
उनका कहना था कि केंद्रीय एजेंसियां चुनावी गोपनीय दस्तावेज जब्त करने की कोशिश कर रही हैं. यह मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फिलहाल विचाराधीन है. हाल ही में I-PAC के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया. वह इस समय ED की हिरासत में हैं. इस गिरफ्तारी पर TMC ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.