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बंगाल में बीजेपी का बड़ा दांव... पूर्व NSG कमांडो, CRPF अधिकारी और पूर्व मंत्री की बेटी पार्टी में शामिल

कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व एनएसजी कमांडो, सेवानिवृत्त सीआरपीएफ अधिकारी और वाम मोर्चा के पूर्व मंत्री की बेटी ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. यह ज्वाइनिंग कार्यक्रम कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

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कस्तूरी गोस्वामी की एंट्री ने राजनीतिक गलियारों में खास चर्चा पैदा की है. (Photo- Social Media)
कस्तूरी गोस्वामी की एंट्री ने राजनीतिक गलियारों में खास चर्चा पैदा की है. (Photo- Social Media)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनावी तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कई चर्चित चेहरों को पार्टी में शामिल कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की. कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व एनएसजी कमांडो, सेवानिवृत्त सीआरपीएफ अधिकारी और वाम मोर्चा के पूर्व मंत्री की बेटी ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की.

यह ज्वाइनिंग कार्यक्रम कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

सुरक्षा और राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले चेहरे शामिल

बीजेपी में शामिल होने वालों में पूर्व NSG कमांडो दीपांजन चक्रवर्ती, सेवानिवृत्त CRPF डीएसपी बिप्लब बिस्वास और कस्तूरी गोस्वामी प्रमुख हैं. कस्तूरी गोस्वामी दिवंगत आरएसपी नेता और पूर्व मंत्री क्षिती गोस्वामी की बेटी हैं.

दीपांजन चक्रवर्ती बंगाली मीडिया में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चित चेहरा माने जाते हैं.

राजनीतिक परिवार में बदली वफादारी पर चर्चा

कस्तूरी गोस्वामी की एंट्री ने राजनीतिक गलियारों में खास चर्चा पैदा की है. उनकी बहन बसुंधरा गोस्वामी पहले ही तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं और फिलहाल कोलकाता नगर निगम में पार्षद हैं. ऐसे में एक ही परिवार के अलग-अलग राजनीतिक दलों में होने को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

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2021 की हार के बाद बीजेपी की नई रणनीति

बीजेपी पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी थी, लेकिन सत्ता हासिल नहीं कर सकी थी. उस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं. राज्य में कुल 294 सीटों पर चुनाव होना है और दोनों दलों ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं.

सियासी समीकरण साधने की कोशिश

बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि सुरक्षा क्षेत्र के पूर्व अधिकारियों, नौकरशाहों और दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को जोड़कर पार्टी अपना जनाधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है.

हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने ऐसे शामिल होने के कार्यक्रमों को चुनावी रणनीति भर बताते हुए कहा है कि बंगाल में स्थानीय नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाएं ही चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाती हैं.

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