तमिलनाडु में चुनावी हार के बाद AIADMK के भीतर जारी अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है. पार्टी दो गुटों में बंटी नजर आ रही है. सोमवार को यह सियासी टकराव उस वक् ज्यादा बढ़ गया, जब विधायक अलग-अलग गुटों में विधानसभा पहुंचे. इसके बाद नेतृत्व परिवर्तन को लेकर प्रोटेम स्पीकर से मुलाकात की है.
सूत्रों के मुताबिक, CV शनमुगम, SP वेलुमणी और विजयभास्कर के नेतृत्व में 30 विधायक प्रोटेम स्पीकर से मिले. इस दौरान उन्होंने एक याचिका सौंपी, जिसमें दावा किया गया कि 30 विधायक SP वेलुमणी को AIADMK विधायक दल का प्रमुख बनाए जाने के समर्थन में हैं. इससे पहले OS मनियन भी 17 विधायकों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिले थे.
उनके गुट ने एडप्पादी K पलानीस्वामी यानी EPS को AIADMK विधायक दल का नेता बनाए रखने का समर्थन किया. दोनों गुटों की अलग-अलग दावेदारी ने पार्टी के भीतर बढ़ती खाई को सार्वजनिक कर दिया. दरअसल, हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद AIADMK के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है.
पार्टी 234 सीटों में से 167 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद सिर्फ 47 सीटें ही जीत सकी. इसके बाद से ही नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठने लगे. जहां तमिलनाडु की बाकी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने विधायी दल के नेता चुन चुकी हैं, वहीं AIADMK अब तक अपना फ्लोर लीडर तय नहीं कर पाई है.
इसकी सबसे बड़ी वजह पार्टी के भीतर गहराता टकराव माना जा रहा है. सोमवार को विधानसभा परिसर में भी AIADMK के भीतर यह फूट साफ दिखाई दी. एक गुट की अगुवाई पूर्व मंत्री SP वेलुमणी कर रहे थे, जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व खुद एडप्पादी K पलानीस्वामी के हाथ में था. एक गुट की अगुवाई थलवाई सुंदरम कर रहे थे.
उन्होंने प्रोटेम स्पीकर करुपैया को चिट्ठी सौंपी. इसमें मांग की गई कि पार्टी महासचिव एडप्पादी K पलानीस्वामी को ही विधायी दल का नेता घोषित किया जाए. वहीं, वेलुमणी की अगुवाई वाले बागी गुट ने अलग चिट्ठी सौंपते हुए मांग की है कि CV शनमुगम को पार्टी का फ्लोर लीडर की मान्यता दी जाए. ये गुट TVK को समर्थन देना चाहता है.