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बंगाल में 'महिला शक्ति' पर रार! स्मृति ईरानी का 33% आरक्षण का दांव, CM ममता ने याद दिलाया TMC का रिपोर्ट कार्ड

महिला आरक्षण बिल को लेकर बंगाल की सियासत में जबरदस्त घमासान छिड़ गया है. बीजेपी 33% आरक्षण और ₹3000 की गारंटी के साथ मैदान में है, तो ममता बनर्जी अपने काम और महिलाओं की मौजूदा भागीदारी का हवाला देकर जवाब दे रही हैं.

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बंगाल में महिला वोटर्स को साधने की कोशिश में राजनीतिक पार्टियां जुटी हैं (File Photo- PTI)
बंगाल में महिला वोटर्स को साधने की कोशिश में राजनीतिक पार्टियां जुटी हैं (File Photo- PTI)

पश्चिम बंगाल में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी पारा हाई है. इस मुद्दे पर वरिष्ठ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है. कोलकाता में एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. 

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर विधानमंडलों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख वादों में से एक है. प्रतिनिधित्व के अलावा बीजेपी आर्थिक मदद पर भी जोर दे रही है. ईरानी ने पार्टी के 'गारंटी कार्ड' की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य की हर महिला को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

स्मृति ईरानी ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा है कि बीजेपी सरकार में महिलाओं को 33% सीटें मिलेंगी. हमारा गारंटी कार्ड इस बात का वादा है कि कोई भी महिला आर्थिक रूप से पीछे नहीं रहेगी.'

आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए ईरानी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 'ब्रेन ड्रेन' और मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है, क्योंकि राज्य में पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के संकल्प पत्र में युवाओं के रोजगार बढ़ाने के लिए ठोस योजनाएं शामिल हैं.

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ममता बनर्जी ने साधा निशाना

उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर कोर्ट ग्राउंड में रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बीजेपी के आरोपों को साजिश बताया. उन्होंने कहा कि यह देश को बांटने की कोशिश है. ममता बनर्जी ने बीजेपी के 33% महिला आरक्षण के वादे का जवाब देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल पहले से ही इस लक्ष्य से आगे है. उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा में 37% प्रतिनिधि महिलाएं हैं.

उन्होंने मतदाताओं को चेतावनी दी कि महिला आरक्षण बिल को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि लोगों को बांटा जा सके. बंगाल महिला भागीदारी के मामले में देश में अग्रणी है और यहां पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर तय किए जा रहे मानकों से बेहतर प्रदर्शन हो रहा है.

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