पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन ने अध्यक्ष बनने के बाद बंगाल के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ पहली अहम बैठक की. यह बैठक पूरी तरह बंगाल-केंद्रित रही, जिसमें राज्य की मौजूदा स्थिति, सरकार की विफलताओं और चुनावी नैरेटिव पर विस्तार से चर्चा हुई.सूत्रों के मुताबिक, बैठक का एजेंडा बंगाल की जमीनी समस्याओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया था, ताकि चुनाव में सीधे जनता से जुड़े मुद्दों को हथियार बनाया जा सके.
बैठक में सबसे पहले पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति पर चर्चा हुई. नेताओं ने कहा कि देश में संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद राज्य की प्रति व्यक्ति आय बेहद कम है, जो मौजूदा सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है. स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तस्वीर और भी गंभीर बताई गई. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाओं की कमी, गंदगी और अव्यवस्था को बीजेपी ने बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला किया है. बैठक में इसे 'पूरी तरह ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था' करार दिया गया.शिक्षा व्यवस्था को भी चौपट बताया गया. भर्ती घोटालों, स्कूलों-कॉलेजों की हालत और युवाओं के भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई गई.
महिला सुरक्षा, प्रवासी मजदूर और ‘जंगल राज’ का आरोप
बैठक में महिलाओं की सुरक्षा पर खास जोर रहा. बढ़ते अपराधों का हवाला देते हुए बंगाल को 'रेप स्टेट की ओर बढ़ता हुआ' बताने की रणनीति पर सहमति बनी. इसके साथ ही प्रवासी श्रमिकों को होने वाली परेशानियों को भी चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया गयाकानून व्यवस्था को लेकर बैठक में तीखे शब्दों का इस्तेमाल हुआ. नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और 'जंगल राज' जैसी स्थिति बनी हुई है.
मुस्लिम तुष्टिकरण और घुसपैठ का मुद्दा
बीजेपी ने मुस्लिम तुष्टिकरण को भी प्रमुख मुद्दा बनाने का फैसला किया है. इसके साथ ही पार्टी चुनाव में घुसपैठियों को बाहर करने के स्पष्ट वादे के साथ उतरने जा रही है. रणनीति यह है कि सुरक्षा, पहचान और संसाधनों के सवाल को सीधे जनता के सामने रखा जाए.पलटानो दरकार, चाई बीजेपी सरकार’ थीम पर चुनावबैठक में यह भी तय हुआ कि पार्टी जनता के बीच 'पलटानो र दरकार चाई बीजेपी सरकार' थीम के साथ जाएगी. इसी थीम पर बीजेपी ने एक गीत भी जारी किया है. यह नारा पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदा की जनसभा में दिया था, जिसे अब पूरे राज्य में चुनावी स्लोगन के तौर पर आगे बढ़ाया जाएगा.
हर विधानसभा की चार्जशीट, हर विधायक पर सीधा हमला
बीजेपी की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा है हर विधानसभा सीट के लिए अलग-अलग चार्जशीट जारी करना. इन चार्जशीट्स में तृणमूल कांग्रेस सरकार की विफलताओं का विस्तार से उल्लेख होगा.योजना के मुताबिक, बंगाल के बड़े बीजेपी नेता इन चार्जशीट्स को सभाओं में सार्वजनिक रूप से जारी करेंगे और हर विधानसभा क्षेत्र में इसकी प्रतियां घर-घर पहुंचाई जाएंगी.चार्जशीट में स्थानीय स्तर की हर छोटी-बड़ी समस्या को शामिल किया जाएगा और सीधे उस क्षेत्र के विधायक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
पार्टी का मानना है कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी विधायकों ने अपने क्षेत्रों के लिए कुछ नहीं किया है और आज विधानसभा क्षेत्रों की दुर्दशा के लिए वही जिम्मेदार हैं.
जनता के आक्रोश को भुनाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी का आकलन है कि स्थानीय स्तर पर विधायकों के खिलाफ पहले से ही जनता में गहरा आक्रोश है. पार्टी इसी नाराजगी को चुनावी ताकत में बदलना चाहती है. रणनीति साफ है- स्थानीय मुद्दा, स्थानीय विधायक और राज्य सरकार की विफलता को जोड़कर सीधे वोटर से संवाद. कुल मिलाकर, नितिन नबीन की अगुवाई में बीजेपी बंगाल में आक्रामक, मुद्दा-आधारित और विधायक-केंद्रित चुनावी रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.