पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी मामले की जांच की आंच अब टीएमसी की चुनावी रणनीति संभालने वाली संस्था I-PAC तक पहुंच गई है. गुरुवार को ED ने I-PAC के दफ्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचना और वहां घंटों डटे रहना चर्चा का विषय बन गया है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसे लेकर ममता बनर्जी की नाराजगी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि आई-पैक एक कॉरपोरेट इकाई होते हुए भी टीएमसी की आंख और कान की तरह काम करता है और राज्य में पार्टी की चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए अनैतिक और साजिशन गतिविधियों में शामिल है.
अधीर रंजन चौधरी ने समाचार एजेंसी 'पीटीआई' (PTI) से बात करते हुए आरोप लगाया कि I-PAC महज एक कॉर्पोरेट इकाई नहीं है, बल्कि यह टीएमसी के लिए अवैध वसूली और चुनावी साजिश रचने का मुख्य केंद्र है. उन्होंने कहा, "I-PAC चुनाव नहीं लड़ती, लेकिन वह टीएमसी के भीतर सब कुछ नियंत्रित करती है, किसे कौन सा पद मिलेगा, कौन नेता बनेगा, यह सब आई-पैक तय करती है. वसूली का पैसा टीएमसी कार्यालय भेजा जाता है और आई-पैक उसमें से अपना हिस्सा लेती है."
मुर्शिदाबाद दंगों और यूसुफ पठान को लेकर गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता अधीर ने मुर्शिदाबाद का जिक्र करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आई-पैक की सलाह पर ही टीएमसी ने एक मशहूर क्रिकेटर (इशारा यूसुफ पठान की ओर) को गुजरात से लाकर मुस्लिम बहुल जिले मुर्शिदाबाद में उतारा ताकि धार्मिक पहचान का इस्तेमाल कर मुझे (अधीर को) हराया जा सके. उन्होंने यह भी दावा किया कि विधायक हुमायूं कबीर का इस्तेमाल कर मुर्शिदाबाद में दंगे भड़काने और हिंदुओं को डराकर उनके वोट बीजेपी की ओर शिफ्ट करने की साजिश भी आई-पैक के दिमाग की उपज थी.
ममता बनर्जी द्वारा ED की रेड का विरोध करने पर अधीर ने तंज कसते हुए कहा, "जब राहुल गांधी और सोनिया गांधी को ED ने अपमानित किया, तब आप परेशान नहीं हुईं. जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिलाओं पर हमला होता है या कसबा में अत्याचार होता है, तब आप इतनी मुखर नहीं होतीं. लेकिन जैसे ही आपकी चुनावी रणनीति और अवैध वसूली के डेटा पर आंच आई, आप सड़क पर उतर आईं."
क्यों हुई ED की छापेमारी?
बता दें कि ED की टीम गुरुवार तड़के प्रतीक जैन के आवास और साल्ट लेक स्थित सेक्टर V दफ्तर पहुंची. यह कार्रवाई कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां टीएमसी के गोपनीय चुनावी दस्तावेज, हार्ड डिस्क और डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही हैं. वे करीब चार घंटे तक दफ्तर के बाहर डटी रहीं.