शरीर अगर तंदुरुस्त हो तो आप जीवन में अपना लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह राजधानी दिल्ली में 'फिट इंडिया अभियान' की शुरुआत की. उन्होंने कहा "न्यू इंडिया के हर नागरिक को फिट बनाना हमारा लक्ष्य है. पीएम मोदी ने इस कैंपेन को लॉन्च करते समय कई देशों का उदाहरण दिया.
आपको बता दें, भारत में 'फिट इंडिया अभियान' से पहले कई देश फिटनेस मूवमेंट चला रहे हैं. जिसमें चीन फिटनेस मिशन मोड के नाम से मूवमेंट चला रहा है. आइए जानते हैं किन- किन देशों में फिटनेस को लेकर चल रहे हैं मूवमेंट और क्या है उनके टारगेट.
ऑस्ट्रेलिया ने नागरिकों के लिए रखा ये लक्ष्य
चीन के अलावा ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अपने नागरिकों को फीट रखने का मूवमेंट चलाया है. ऑस्ट्रेलिया ने साल 2030 का टारगेट सेट किया है. जिसमें उनका फोकस नागरिकों की फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ाना और देश के 15 प्रतिशत नागरिकों को आलस्य से बाहर निकालने का है.
भले ही सरकार ने शुरु किया है, लेकिन इसका नेतृत्व आप सभी को ही करना है।
देश की जनता ही इस कैंपेन को आगे बढ़ाएगी और सफलता की बुलंदी पर पहुंचाएगी।
मैं अपने निजी अनुभवों से कह सकता हूं कि इसमें Investment Zero है, लेकिन Returns असीमित हैं: PM
— PMO India (@PMOIndia)
ब्रिटेन 2020 तक 5 लाख नए लोगों को रोज एक्सरसाइज से जोड़ने की कोशिश में लगा हुआ है. इसी के साथ अमेरिका 2021 तक अपने 1000 शहरों को फ्री फिटनेस मूवमेंट से जोड़ने के लिए काम कर रहा है. वहीं " फिट इंस्टीड ऑफ फैट" से जर्मनी में फिटनेस को लेकर मूवमेंट चलाया जा रहा है.
Delhi: Prime Minister Narendra Modi at the launch of at Indira Gandhi Stadium, on the occasion of .
— ANI (@ANI)
आपको बता दें, दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में जहां ये कार्यक्रम हुआ. यहां पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर, मनोज तिवारी, अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी समेत कई बड़े सेलेब्रिटी मौजूद थे.
पीएम मोदी ने कही ये बातें
फीट इंडिया मूवमेंट भले ही सरकार ने शुरू किया है, लेकिन इसका नेतृत्व आप सभी को ही करना है. देश की जनता ही इस कैंपेन को आगे बढ़ाएगी और सफलता की बुलंदी पर पहुंचाएगी. मोदी ने कहा "मैं अपने निजी अनुभवों से कह सकता हूं कि इसमें Investment Zero है, लेकिन Returns असीमित हैं."
मोदी ने बताया कि "जब हम Fitness की अपनी यात्रा पर निकलते हैं तो अपनी बॉडी को बेहतर ढंग से समझना शुरु करते हैं. मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है जिन्होंने ऐसे ही अपनी Body की शक्ति को जाना है, पहचाना है. इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है, जिससे एक बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण में उन्हें मदद मिली है."