दुनिया की सबसे पुरानी और बेहतरीन यूनिवर्सिटीज में से एक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी अपनी 700 साल पुरानी परंपरा तोड़ने जा रही है. पहली बार यूनिवर्सिटी किसी दूसरे देश में अपनी ब्रांच खोलने की योजना बना रही है. इससे पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोई ब्रांच विदेशों में नहीं खोली गई.
ने पहली बार
फ्रांस में अपनी ब्रांच खोलने का फैसला लिया है
ताकि ब्रिक्सिट (ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से एक्जिट)
के बाद भी उसे यूरोपीय संघ से फंड मिलता रहे.
बता दें कि यूरोपीय संघ, जिसे ईयू कहा जाता है, 28 यूरोपीय देशों की आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी है. दूसरे विश्व युद्ध के बाद आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए यूरोपीय संघ का निर्माण हुआ था.
इसके पीछे सोच ये थी कि जो देश एक साथ
व्यापार करेंगे वो एक दूसरे के खिलाफ युद्ध करने
से बचेंगे.
ईयू अपने सदस्य देशों को कई तरह से मदद करता है और इसमें funding भी शामिल है. पर अब जब ब्रिटेन ईयू का हिस्सा नहीं है तो फंडिंग पर भी असर होगा.
ऐसे में के फ्रांस
में शाखा खोलने से फंडिंग की समस्या दूर हो
सकती है.
हालांकि यूनिवर्सिटी के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि
फिलहाल इस पर आखिरी फैसला नहीं लिया गया
है. एक अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी है और
इतिहास की तरह ही लोग यहां विभिन्न देशों से
पढ़ाई के लिए आते रहेंगे. भले ही राजनीतिक स्तर
पर भविष्य में कुछ भी हो.
इस कड़ी में कुछ और वैश्विक विश्वविद्यालय मसलन यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक भी जल्दी ही पेरिस में अपनी शाखा खोल सकती है.