दिल्ली का एक सरकारी स्कूल अब केंद्र सरकार चलाएगी. ये वही स्कूल है जहां साल 2015 में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने छापेमारी की थी. अब स्कूल को केंद्र सरकार चलाएगी. मनीष सिसोदिया ने 24 जून सोमवार शाम को ट्विटर पर इसकी जानकारी दी.
ट्वीट पर उन्होंने लिखा है कि दिल्ली सरकार का प्रेजीडेंट एस्टेट स्थित सरकारी स्कूल को केंद्र सरकार अब केंद्रीय विद्यालय के रूप में चलाएगी. आज दिल्ली सरकार ने इसकी सहमति दे दी है. उल्लेखनीय है ये वही विद्यालय है जहां पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी सर, दो साल तक शिक्षक दिवस पर शिक्षक के रूप में क्लास लेने आए थे
उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में भी इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि साल 2015 तक इस स्कूल में भ्रष्टाचार व्याप्त था. उन्होंने एक साल में इसे इतना बदल दिया था कि 2016 में इस स्कूल में तत्काली राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की क्लास लगी थी.दिल्ली सरकार के प्रेज़िडेंट एस्टेट स्थित सरकारी स्कूल को केंद्र सरकार केंद्रीय विद्यालय के रूप में चलाएगी. आज दिल्ली सरकार ने इसकी सहमति दे दी.
उल्लेखनीय है ये वही विद्यालय है जहाँ पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी सर, दो साल तक शिक्षक दिवस पर शिक्षक के रूप में क्लास लेने आए थे.
— Manish Sisodia (@msisodia) June 24, 2019Advertisement
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि दिल्ली सरकार का जो स्कूल अब केंद्रीय विद्यालय के रूप में चलेगा, 2015 तक यही स्कूल भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ था. शिक्षामंत्री के रूप में सबसे पहला छापा इसी स्कूल में डाला था.और महज एक साल में यह इतना बदल गया था कि यहां 'मुखर्जी सर की क्लास' भी लगी थी.
उनके ट्वीट पर लोगों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है. कुछ लोगों ने जहां दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार की तारीफ की है, वहीं कुछ लोगों ने कहा है कि आपको ये इलेक्शन से पहले ही याद आ रहा है.
बता दें कि दिल्ली सरकार के बिजली पानी में रेट कम करने के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में काम करने को लेकर एक पूरे वर्ग में ख्याति मिली है. दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और कई शिक्षक विदेशों से टीचिंग मेथड सीखकर आए हैं. इसके अलावा स्कूलों में हैप्पीनेस करीकुलम और मिशन बुनियाद जैसे कार्यक्रमों को भी सराहा गया है.