पिछले साल कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (केएमआरएल) ने शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को नियुक्त किया था. अब इसी के नक्शे कदम पर All Kerala Self-Financing Schools Federation (AKSFSF) है, जो जल्द ही शिक्षकों के पद पर ट्रांसजेन्डर्स की भर्ती करेगा.
ट्रंप की नई इमिग्रेशन पॉलिसी का ऐलान, नए नियमों से भारतीय IT प्रोफेशनल्स को होगा फायदा
क्या है वजह
समाज में आज भी ट्रांसजेंडर को वह इज्जत नहीं मिल पाती जिसके वे हकदार हैं. ऐसे में किसी स्कूल में ट्रांसजेंडर टीचर का होना अपने आप में एक बदलाव है. इस कदम को उठाने की मुख्य वजह है कि इन समुदाय के सभी लोगों को काम मिल सके.
'आज तक' संग वसंत वैली ने किया हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
TOI के रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसजेंडर टीचर की नियुक्ति को लेकर AKSFSF के अध्यक्ष रामदास कादिरुर का कहना है कि शिक्षा समाज को बनाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसलिए स्कूलों में बदलाव जरूरी है. साथ ही उन्होंने बताया कि बहुत सारे विचार-विमर्श के बाद ही ट्रांसजेंडर को टीचर के रूप में नियुक्त करने का यह निर्णय लिया गया है.क्या है योग्यता
Bachelor of education (BEd)
Teachers Training Course (TTC)
Nursery training course
सिसोदिया ने रोका दिल्ली यूनिवर्सिटी का फंड, जानिये क्या थी वजह
टीचर्स के पदों पर आवेदन करने से पहले उम्मीदवार के पास सभी डिग्रियों का होना आवश्यक है. हालांकि ट्रांसजेंडर टीचर्स के लिए नियुक्ति किस तारीख को होगी, इसकी अभी तक कोई सूचना नहीं आई है.