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IIT JEE क्रैक करना है तो बनारस के इस लड़के की तरह खेलें चेस

जेईई (मेन एंड एडवांस) जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले वाराणासी के आदर्श श्रीवास्तव ने केवल चेस खेलकर उसे आसानी से क्रेक किया है.

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आदर्श श्रीवास्तव अपने दोस्त के साथ चेस खलते हुए
आदर्श श्रीवास्तव अपने दोस्त के साथ चेस खलते हुए

शतरंज के दांव पेंच ने आदर्श श्रीवास्तव को IIT JEE Advanced 2017 क्रेक करने में आसानी दिलाई. आदर्श श्रीवास्तव ने 366 में से 286 मार्क्स हासिल किए. आईआईटी-जेईई एडवांस्ड के परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद आदर्श का कहना था - "जैसा कि शतरंज टूर्नामेंट में जीतने के लिए सही चाल चलने की जरुरत होती है, उसी तरह सही फार्मूले का इस्तेमाल करने मैथ्स के हर सवालों के जवाब आसानी से निकाले जा सकते है.


आदर्श को शतरंज खेलना पसंद है और यह उनको फोकस करने में और साथ ही मैथ्स की समस्याओं को हल करने में उनकी मदद करता है. आदर्श आगे कहते है- शतरंज में एक गलत कदम हर चीज को बदल सकता है, जिससे हम हार सकते है, इसलिए हम हर चाल सोच समझकर चलते है. इसी तरह, मैंने JEE Advanced पेपर में गणित के सवालों को हल करने के लिए हर फार्मूले को पर पूरी तरह सोच समझकर ही करता हूं.

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आदर्श श्रीवास्तव ने तीन सील की उम्र से चेस खेलना शुरू कर दिया था और 2005 के अंडर -7 स्टेट चेस टूर्नामेंट में मेडल जीता. State level के अंडर -9, अंडर -11 और अंडर -13 चेस चैंपियनशिप में भी आदर्श पार्टिसिपेट कर चुक हैं. 2008 में, उन्होंने तेहरान में आयोजित अंडर -8 जूनियर चेस एशिया चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है .ग्रैंडमास्टर श्याम सुंदर के साथ एक गेम में, आदर्श ने एक ड्रा के साथ अपना गेम को वहीं खत्म कर दिया. ग्रैंडमास्टर श्याम सुंदर आदर्श श्रीवास्तव के इस चाल से बेहद प्रभावित थे.

 

2011 में, CBSE की अंडर -14 Chess Championship में श्रीवास्तव ने गोल्ड मेडल जीता. बाद में, उन्होंने कई अन्य प्रतियोगिताओं में भी पार्टिसिपेट किया . हालांकि, 2014 के बाद से, उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह फोकस किया और घर पर ही चेस की प्रैक्टिस जारी रखी. आदर्श श्रीवास्तव IIT में एडमिशन लेने के बाद, अपने खाली समय में चेस टूर्नामेंट्स में भाग लेना शुरू करेंगे.

श्रीवास्तव पूर्व राष्ट्रपति Dr. APJ Abdul Kalam से प्रेरित होकर रिसर्च क्षेत्र में जाना चाहते हैं . वह अपनी सफलता के सारा श्रेय अपने माता-पिता अरुण कुमार और रीना और शिक्षकों को देते हैं.

आदर्श जेईई (मेन एंड एडवांस) जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं .

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