Indian Institutes of Technology (IIT) ने 30 कंपनी पर लगाए गए बैन को आखिरकार हटा दिया है. इन कंपनियों पर पिछले साल बैन लगाया गया था. एआईआई- आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी के सदस्यों ने 21 सितंबर को इसे हटाने का फैसला लिया है.
इसके साथ प्लेसमेंट कमेटी ने यह भी निर्धारित किया है कि कंपनी का पिछला रिकॉर्ड जांच करने के बाद ही उन्हें प्लेसमेंट का हिस्सा बनाया जाएगा. एआईपासी के कॉर्डिनेटर कोस्तूबा मोहंती ने मुंबई में हुई एआईपासी की मीटिंग में पिछले साल सभी 30 कंपनियों पर लगाए गए बैन को हटाने का फैसला लिया.
जॉब ऑफर वापस लेने पर लगाया था बैनIIT स्टूडेंट्स को नौकरी के ऑफर देने के बाद, ऑफर वापस लेने पर कमेटी ने साल 2016 में यह बैन लगाया था. कोस्तूबा मोहंती की मानें तो इस बैन का उद्देश्य कंपनियों को IIT स्टूडेंट्स के भविष्य की तरफ जागरुक करना था. लेकिन अब स्टूडेंट्स के भविष्य को ध्यान में रखकर ही बैन हटाने का निर्णय लिया गया है.
खबरों के मुताबिक, बैन हटाने की एक और वजह ये है कि ज्यादा कंपनियों को प्लेसमेंट में आने देने से IIT को भी काफी फायदा होगा. लेकिन साथ ही उन्होनें यह भी साफ किया कि प्लेसमेंट से पहले कंपनी के सारे पिछले रिकॉर्ड्स की जांच की जाएगी. इसके बाद ही कंपनी को प्लेसमेंट देने की अनुमति मिलेगी.
बता दें कि IIT में वन स्टूडेंट वन जॉब का नियम है, जिसके चलते स्टूडेंट्स को अगर कैंपस प्लेसमेंट में जॉब ऑफर की जाती है तो वह किसी और जॉब के लिए एप्लाई नहीं कर सकते. इस वजह से स्टूडेंट्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिसको ध्यान में रखकर बैन हटाने का फैसला लिया गया है.