दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली कटऑफ लिस्ट जारी होने के बाद स्टूडेंट्स संबंधित कॉलेजों में पहुंचे लेकिन डीयू दाखिले के पहले दिन ही सर्वर डाउन होने पर उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. हालात तो कुछ ऐसे हो गए कि एक-एक छात्र को ऑनलाइन कॉलेज रजिस्ट्रेशन के लिए घंटों तक साइबर कैफे में लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ा.
स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए साझी खुशी और गम...
पहला कटऑफ लिस्ट जारी होना तमाम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए साझी खुशी और गम का मामला था. वे सभी पहली कटऑफ में नाम आने से खुश थे लेकिन दाखिले के लिए कैंपस पहुंचते ही इनकी खुशी गायब हो गई. दरअसल इस साल कटऑफ में नाम आने के बाद छात्रों को पहले रजिस्ट्रेशन करना था, लेकिन दाखिले में हुए बदलाव की वजह से ये सभी बिना रजिस्टर हुए कॉलेज पहुंच गए. लिहाजा अब छात्रों को साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है.
क्या कहना है स्टूडेंट्स का....
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की जद्दोजहद कर रही एक छात्रा का कहना है कि छात्रों को ऑनलाइन कॉलेज रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ सर्वर डाउन होने की वजह से भी दिक्कतें आईं. पहली कट ऑफ के साथ ही डीयू में एडमिशन की चाहत हजारों स्टूडेंट्स व अभिभावकों को कैंपस खींच लाई. कॉलेज में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करने के इंतजाम के न होने से खासी परेशानी हुई. स्टूडेंट्स और अभिभावक दिन भर यूं ही परेशान रहे.
वहीं एक दूसरे स्टूडेंट का कहना है कि इस साल में परेशानी की एक वजह DUTA भी है, दरअसल DUTA एपीआई रोल बैक करने की मांग को लेकर एडमिशन बायकॉट कर रहा है.
विश्वविद्यालय प्रशासन की नजर से पूरा मामला...
इस पूरे मामले पर रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल राजेंद्र प्रसाद तर्क देते हैं कि पहला दिन होने की वजह से ज्यादा छात्र पोर्टल पर आए. इसकी वजह से सर्वर थोड़ी देर के लिए डाउन हो गया. हालांकि बाद में स्थिति को सुधार लिया गया.
डीन- स्टूडेंट वेलफेयर, जे एम खुराना कहते हैं कि का पहला दिन होने की वजह से स्टूडेंट्स परेशान थे. उनके भीतर इस बात की हड़बड़ाबट थी कि कट ऑफ में नाम होने के बावजूद इन परेशानियों की वजह से सीट हाथ से न निकल पाए. इसी वजह से वे भारी संख्या में साइट पर पहुंच गए और सर्वर डाउन हो गया.