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नर्सरी एडमिशन: पहले दिन ही बन गई असमंजस की स्थिति

दिल्ली में नर्सरी एडमिशन के पहले दिन ही पैरेंट्स असमंजस की स्थिति में दिखे. दरअसल, एडमिशन की पूरी प्रक्रिया के बारे में पैरेंट्स को जानकारी नहीं है.

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Nursery Admission
Nursery Admission

दिल्ली में नर्सरी एडमिशन प्रकिया की पहले दिन अभिभावक असमंजस दिखे. हांलाकी इस बार एडमिशन प्रकिया में कुछ बदलाव जरूर है मगर पूरी जानकारी के अभाव में अभिभावक स्कूलों के चक्कर लगाते रहे.

साथ में उन लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है जो EWS कैटेगिरी में आते है और उन्हें कैसे और कहां से ऑनलाइन फॉर्म भरना है इसकी जानकारी नहीं है. पूसा रोड स्थित कई स्कूलों के बाहर अभिभावकों की सुबह से कतार लगी हुई है. मगर उन लोगों का आरोप है कि स्कूल की ओर से कोई मदद नही मिल रही है.

नर्सरी एडमिशन के शुरू होने के बाद अब ज्यादातर स्कूलों ने एडमिशन प्रोसेस के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराने से अपना पल्ला झाड़ लिया है. इससे उन अभिभावको को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है जो पहली बार अपने बच्चे का एडमिशन करवा रहे हैं और वो स्कूलो के रूल-रेगुलेशन का पता लगाने के लिए स्कूल के चक्कर लगा रहे है. मगर उन्हें ज्यादातर स्कूलों के गेट के बाहर से ही लौटना पड़ रहा है तो वहीं कुछ नामी स्कूल ऐसे भी है जिन्होंने नोटिस बोर्ड पर सारी सूचनाएं दे रखी है. मगर उन्हे वहां भी गाइड करने वाला कोई नहीं. जिससे ज्यादातर अभिभावक पहले दिन ही परेशान दिखे.

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कुछ ऐसा ही हाल EWS कैटेगिरी के लिए एडमिशन कराने वाले अभिभावको का भी था कई अभिभावको का कहना था कि की वेबसाइट ही सुबह से हैंग है. वहीं कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें पता नहीं की ऑन-लाइन फॉर्म कैसे और कहां से भरें, क्योंकि उन कैटेगिरी के लोगों के पास न ही कंप्यूटर है न ही इंटरनेट की सुविधा. ऐसे मे उन का कहना है स्कूल में मैनुअल तरीके से फॉर्म भरे जाने की सुविधा होनी चाहिए.

अभिभावकों का कहना है कि सभी स्कूलों के अलग-अलग फी स्ट्रक्चर और रूल रेगुलेशन हैं मगर ये सब चीजें ऑनलाइन हो जाने पर पूरी जानकारियां नहीं मिल रही है ऐसे में अगर स्कूल से उन्हें जानकारी नहीं मिलती तो वे आखिर कहां जाएंगे.

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