एक तरफ हरियाणा में 3 मई 2015 को पुलिस कुछ स्टूडेंट्स को कथित तौर पर ‘आंसर-की’ मुहैया कराने वाले मामले की जांच कर रही है. वहीं सीबीएसई ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि प्रश्न पत्र लीक हुआ था.
इस बारे में सीबीएसई का साफ तौर पर कहना है कि एग्जाम सुचारू और निष्पक्ष तरीके से हुआ था. सीबीएसई के बयान के मुताबिक आयोजन करने वाले बोर्ड ने कहा कि परीक्षा के दौरान या परीक्षा के बाद लीक होने के बारे में कहीं से भी कोई खबर नहीं आई.
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक के के चौधरी ने एक बयान में कहा कि लीकेज की पहली खबर दो दिन बाद पांच मई को आई थी. आपको बता दें कि खबरों के अनुसार की 'आंसर-की' लीक हो गईं. हरियाणा पुलिस ने यह जानकारी दी थी. एग्जाम से आधा घंटे पहले 10 बजे से 90 'आंसर-की' कैंडिडेट्स के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए आने लगीं. इस मामले में पुलिस ने रोहतक से 4 आरोपियों को गिरप्तार किया था.
-इनपुट भाषा से