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AIPMT पेपर की 90 'आंसर-की' लीक, अंडर गारमेंट में छुपी थी ब्लूटूथ डिवाइस

ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT) की 'आंसर-की' 3 मई रविवार को लीक हो गईं.  हरियाणा पुलिस ने यह जानकारी दी. एग्जाम से आधा घंटे पहले 10 बजे से 90 'आंसर-की' कैंडिडेट्स के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए आने लगीं. इस मामले में पुलिस ने रोहतक से  4 आरोपियों को गिरप्तार कर लिया है.

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ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT)  की 'आंसर-की' 3 मई रविवार को लीक हो गईं. हरियाणा पुलिस ने यह जानकारी दी. एग्जाम से आधा घंटे पहले 10 बजे से 90 'आंसर-की' कैंडिडेट्स के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए आने लगीं. इस मामले में पुलिस ने रोहतक से  4 आरोपियों को गिरप्तार कर लिया है. जानिए पेपर लीक की पूरी हकीकत

दिलचस्प बात यह है कि पेपर लीक के लिए एक अनोखा तरीका निकाला था, ये लोग इस तरह के अंडर गारमेंट्स लाए, जिनमें ब्लूटूथ डिवाइस फिट की गई थी. पुलिस ने बताया कि इन्होंने देशभर में करीब 200 कैंडिडेट्स को पास कराने का सौदा किया गया था. पकड़े गए आरोपियों में से दो बीडीएस डॉक्टर, एक एमबीबीएस स्टूडेंट और एक और व्यक्ति है. पुलिस का कहना है कि मास्टरमाइंड रूप कुमार दांगी ने 'आंसर-की' खुद कैंडिडेट्स के मोबाइल पर भेजी.

यही नहीं यह आंसर की उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में फैले इनके साथियों के पास भी भेजी गई हैं. यह पेपर राजस्थान में सॉल्व किया गया और वहीं से सभी को भेजा गया है. पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने ब्लूटूथ डिवाइस फिट किए गए अंडर गारमेंट्स नई दिल्ली से खरीदे थें. पकड़े गए आरोपियों के पास से सभी सामान बरामद कर लिया गया है.

फिलहाल मामले के मास्टरमाइंड रूप कुमार दांगी को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है. इसके अलावा पुलिस उन 9 लोगों से भी पुछताछ कर रही है जिन्होंने इस गैंग को पेपर लीक के लिए 15-20 लाख रुपये दिए थे. आपको बता दें कि देश भर में 6.3 लाख स्टूडेंट्स ने इस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. इस एग्जाम के लिए पूरे देश में 106 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे.

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