मिडनाइट सन का इंसानी जिंदगी पर असर
नार्वे में ठंड के दौरान लोगों में सीजनल डिप्रेशन आ जाता है, इसे चिकित्सकीय भाषा में सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्ड (SAD सैड) कहा जाता है. ठंड के दौरान नार्वे में जिएंट मिरर, लाइट थेरेपी क्लीनिक और पॉजिटिव थिंकिंग के जरिये लोगों को सैड से बाहर आने में मदद की जाती है. इस दौरान देश के एक हिस्से में सूरज उगता ही नहीं है. लेकिन कुछ लोगों को मौसम जनित ये डिप्रेशन गर्मी में भी हो जाता है जिसके लक्षण अनिद्रा, भूख न लगना, वेट लॉस और चिड़चिड़ापन हो जाता है. वैसे रिसर्चर इसके पीछे सही वजह पता लगाने में जुटे हैं.