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एजुकेशन

प्रतीक हजेला: IIT के बाद IAS, अब NRC लिस्ट में निभाई अहम भूमिका

प्रतीक हजेला: IIT के बाद IAS, अब NRC लिस्ट में निभाई अहम भूमिका
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नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन यानी एनआरसी. जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. बीते शनिवार को  एनआरसी लिस्ट जारी की गई. जिसमें 19 लाख, 6 हजार 667 लोग शामिल नहीं हो सके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं NRC लिस्ट तैयार करने के पीछे किस शख्स का दिमाग है. आइए आपको विस्तार से बताते हैं.

प्रतीक हजेला: IIT के बाद IAS, अब NRC लिस्ट में निभाई अहम भूमिका
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NRC लिस्ट तैयार करने के पीछे प्रतीक हजेला नाम के शख्स ने अहम भूमिका निभाई है.  NRC के पीछे इन्हीं का ही दिमाग है. वह एनआरसी के स्टेट कॉर्डिनेटर हैं. पहले प्रतीक हजेला इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियर थे जिसके बाद वह IAS बनें. 
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आपको बता दें, प्रतेक हजेला असम में राष्ट्रीय रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) को अपडेट करने के लिए भारत के सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण लोगों में से एक हैं. उन्होंने ने ही एनआरसी प्रक्रिया का आधारभूत ढांचा खड़ा किया था.  



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50 साल प्रतीक आईआईटी-दिल्ली के पूर्व छात्र रह चुके हैं. उन्होंने आइआइटी दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक की डिग्री ली. जिसके बाद वह इंजीनियर बने, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी राह बदल कर  आइएएस का रास्ता चुना.

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आपको बता दें, प्रतीक हजेला 1995 बैच के एक IAS ऑफिसर है. उनका जन्म भोपाल में हुआ था. पिता एसपी हजेला मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अफसर थे और उनके छोटे भाई अनूप हजेला भोपाल के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं.



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वर्तमान में हजेला असम-मेघालय कैडर के ऑफिसर हैं. साल 1992 में आइआइटी दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक्स  में डिग्री ली. इसी के साथ वह 1995 बैच के आइएएस ऑफिसर हैं.
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 कैसे तैयार की NRC लिस्ट

प्रतीक ने गुवाहाटी के जीएस रोड में एक बहु-मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर अपने  कार्यालय का संचालन करते हैं. उन्होंने IIT दिल्ली के पूर्व छात्रों ने एक साथ मिलकर एक टीम तैयार की. जिसके बाद एनआरसी अपडेशन का टेक्निकल कॉन्सेप्ट तैयार किया गया.


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कैसे जुड़े NRC से

प्रतीक हजेला को सितंबर 2013 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की सिफारिशों पर स्टेट कॉर्डिनेटर के रूप में नियुक्त किया गया था. उस समय, वह रानेशनल रूरल हेल्थ मिनिस्टर के मैनेजिंग डायरेक्टर  के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे.  असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि "हजेला को हमारी सिफारिश पर नियुक्त किया गया था और क्योंकि उन्हें सक्षम माना जाता था."


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गुवाहाटी सहित 10 सालों तक डिप्टी कमिश्नर के रूप में काम करने वाले हजेला ने  सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने राज्य और केंद्र से नियमित रूप से अपडेट मांगना शुरू कर दिया. उनकी नजर आखिरी ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ आवेदकों को वेरिफिकेशन पर थी.
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NRC लिस्ट में नहीं था खुद का और बेटी का नाम


प्रतीक हजेला ने भी एनआरसी के लिए आवेदन किया था.  31 दिसंबर, 2017 को पहली लिस्ट जारी हुई थी. जिसमें उनका और उनकी बेटी का नाम शामिल नहीं था. जिसके बाद राज्य में लाखों लोगों की तरह यह पिता-पुत्री भी मई 2018 में गुवाहाटी में सुनवाई के लिए गए थे. जिसके बाद उसके बाद उनका नाम अंतिम ड्राफ्ट में शामिल हुआ था.



(प्रतीक अपनी बेटी के साथ)


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क्या है NRC

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) एक दस्तावेज है जो इस बात की पुष्टि कराता है कि कौन देश का वास्तविक नागरिक है और कौन देश में अवैध रूप से रह रहा हैं. इस लिस्ट के हिसाब से 25 मार्च, 1971 से पहले असम में रह रहे लोगों को भारतीय नागरिक माना गया है. इसलिए ये लिस्ट असम के नागरिकों ने इसलिए लगाई गई है. ताकि वे साबित कर सकें कि वे 24 मार्च, 1971 के पहले से भारत में रह रहे हैं या नहीं. आपको बता दें, असम में बांग्लादेश से आए घुसपैठियों पर बवाल के बाद सुप्रीम कोर्ट ने NRC अपडेट करने को कहा था.



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आपको बता दें, असम पहला राज्य है जहां भारतीय नागरिकों के नाम शामिल करने के लिए 1951 के बाद एनआरसी को अपडेट किया जा रहा है. पहली लिस्ट 1951 में जारी की थी.
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