कोई भी नई भाषा या विदेशी भाषाएं शुरुआत में भले अजीब या मुश्किल लग सकती है, लेकिन इनको सीखने से आपका बायोडाटा वजनदार होता है. यही नहीं, ये आपके लिए कमाई के कई रास्ते भी खोल सकती हैं...
फ्रेंच:
फ्रांस की भाषा बोलने वाले अपने पूरे करियर के दौरान 77,000 डॉलर ज्यादा कमा सकते हैं. दुनिया भर में 20 करोड़ से ज्यादा लोग ये जबान बोलते हैं. दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में आप फ्रेंच बोल-सुन सकते हैं. ये G8 के दो मुल्कों की भाषा है और संयुक्त राष्ट्र में इसे आधिकारिक दर्जा हासिल है.
जर्मन:
जर्मन बोलने वाले अपने पूरे करियर के दौरान 1,28,000 डॉलर अतिरिक्त कमा सकते हैं. जर्मनी के अलावा स्विट्जरलैंड में भी ये भाषा काफी प्रचलित है और ये दोनों देश यूरोप में कारोबार का केंद्र माने जाते हैं. ऐसे में ये भाषा बिजनेस के लिहाज से अहम है.
स्पेनिश:
अगर किसी जबान को वाकई वैश्विक भाषा का दर्जा मिल सकता है, तो वो स्पेनिश है. दुनिया भर में इस भाषा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं. अमेरिका में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जो स्पेनिश बोलते हैं. इसके अलावा मुसाफिरों की तादाद भी काफी है. इसे सीखना तुलनात्मक रूप से आसान है. स्पेन के अलावा ये भाषा दक्षिण अमेरिका के कई देशों और मैक्सिको में भी बोली जाती है.
अरबी:
30 करोड़ लोग यही भाषा बोलते हैं. दुबई और आबु धाबी जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों की जबान यही हे. अरब जगत की संयुक्त जीडीपी करीब 60 अरब डॉलर है, ऐसे में ये भाषा कई रोजगार दिला सकती है. पश्चिमी एशिया और अफ्रीका के कई मुल्कों में ये भाषा इस्तेमाल की जाती है.
पुर्तगाली:
दुनिया भर में 20 करोड़ से ज्यादा लोग पुर्तगाली बोलते हैं और ये गलतफहमी मत रखिएगा कि महज पुर्तगाल में ये बोली जाती है. पुर्तगाल, ब्राजील, अंगोला, पूर्वी तिमोर, मकाऊ, स्पेन, फ्रांस और लग्जमबर्ग के कई हिस्से हैं, जहां ये भाषा धमाकेदार रुतबा रखती है.
मंदारिन:
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की भाषा क्यों जरूरी है, ये समझाने की जरूरत नहीं रह जाती. भारत के साथ चीन का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और आगे भी ऐसी ही संभावनाएं हैं, ऐसे में मंदारिन सीखना नौकरी दिला सकता है. चीन में 1.4 अरब लोग यही ज़बान बोलते हैं. इसके अलावा हांगकांग, मकाऊ और ताईवान में मंदारिन बोली जाती है.
जापानी:
यह भाषा बोलने वालों की तादाद 10 करोड़ से ज्यादा है. अंग्रेजी में कई ऐसे लफ्ज हैं, जो इसी भाषा से पहुंचे हैं. अगर एशिया के रोबोटिक केंद्र में जगह बनानी है, तो जापानी सीखना समझ लीजिए जरूरी है.