बॉलीवुड में खेल पर बनने वाली फिल्मों का खजाना खुल गया है. जानते हैं इन फिल्मों को इतना क्यों पसंद किया जाता है? दरअसल, स्टार पावर के अट्रैक्शन से इतर ये हमें हौसला, जज्बा, आत्मविश्वास, कठिन हालात में खुद पर काबू जैसे जिंदगी से जुड़े सबक सिखाती हैं. सलमान खान की हालिया रिलीज 'सुल्तान' में भी जिंदगी के कुछ ऐसे ही पाठ हैं. जानें ऐसी और फिल्मों के बारे में...
मैरी कॉम: प्रियंका चोपड़ा अभिनीत यह फिल्म बॉक्सिंग पर आधारित थी. इसने मैरी कॉम की हिम्मत और पैशन को बखूबी दिखाया. साथ ही संदेश दिया कि आपकी चाहत के आगे हालात भी आसानी से सिर झुका देते हैं.
भाग मिल्खा भाग: भारत के एक आइडल एथलीट और फ्लाइंग सिख माने जाने वाले मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित ये फिल्म एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई. वर्ष 2013 की ये फिल्म राकेश ओमप्रकाश मेहरा की खास फिल्मों में से एक है. फर्श से अर्श तक एक एथलीट की यह कहानी वाकई प्रेरणादायक है.
चक दे इंडिया: यह फिल्म 2007 में ही रिलीज हुई. यशराज बैनर तले हॉकी पर बनी इस फिल्म ने महिला हॉकी को बढ़ावा दिया. शाहरुख खान और चक दे गर्ल्स ने दर्शकों को खूब लुभाया. लीडरशिप क्वालिटीज के लिए इस फिल्म को जरूर देखें.
हवा हवाई: वर्ष 2014 की गर्मियों का आगाज करते हुए पर्दे पर आई अमोल गुप्ते की 'हवा हवाई' स्केटिंग पर आधारित थी. इस फिल्म ने बहुत बारीकी से इमोशन के साथ एक ऐसे खेल को प्रोत्साहित किया जिसका भारत जैसे देश में बहुत ज्यादा स्कोप देखने को नहीं मिलता.
इकबाल: नागेश कुकनूर ने अपनी आर्ट फिल्म की लीग से अलग हटकर कुछ स्पोर्टस ड्रामा बनाने की कोशिश में आखिरकार एक मील का पत्थर बना डाला. यह फिल्म एक गूंगे बहरे लड़के की कहानी है जो कि गजब का गेंदबाज है. उसका आत्मविश्वास और क्रिकेट के लिए जुनून उसे हैरान कर देने वाली कामयाबी दिलाता है.
लगान: ऑस्कर नॉमिनेटिड ये फिल्म वर्ष 2011 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म की खासियत यह थी कि इसने ना सिर्फ क्रिकेट को प्रोत्साहन दिया, बल्कि अंग्रेजों द्वारा गुमनाम भारत के एक पहलू से भी हमारा परिचय करवाया.