यूपी में संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालय के छात्रों के लिए खुशखबरी है. सरकार ने फैसला लिया है कि इन स्कूलों के छात्रों को दी जाने वाली स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाई जाएगी. पूरे 24 साल बाद सरकार ने छात्रों के हित में यह कदम उठाया है. यह स्कॉलरशिप 6वीं और 8वीं क्लास के छात्रों को भी दी जाएगी, किसी भी वर्ग और आय वाले विद्यार्थी इस छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकेंगे.
इन कक्षाओं के छात्रों को दी जाएगी इतनी राशि
माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कॉलरशिप के इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है, जिसमें कक्षा 6वीं, 7वीं के लिए 50 रुपये प्रतिमाह और कक्षा 8वीं के लिए 75 रुपये प्रतिमाह देने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही पूर्व माध्यमिक कक्षा यानी कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए हर महीने 100 रुपये देने का निर्णय लिया है. कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए 150 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे. इसके अलावा शास्त्री के लिए 200 रुपये और वहीं, आचार्य के लिए ढाई सौ रुपए प्रतिमाह की दर से मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है. इस स्कॉलरशिप के लिए आय सीमा तय नहीं की गई है, किसी भी आय के छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं.
24 साल बाद बदली गई स्कॉलरशिप
जानकारी के मुताबिक, संस्कृत विद्यालय और महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 2001 से लागू वर्तमान स्कॉलरशिप दरों में संशोधन करते हुए वृद्धि का प्रस्ताव कैबिनेट में स्वीकार किया गया है. साल 2001 में लागू हुई इस स्कॉलरशिप में 24 साल बाद यानी कि साल 2024 में बदलाव करने का निर्णय लिया है.
पहले यह स्कॉलरशिप संस्कृत की शिक्षा लेने वाले 6वीं, 7वीं और 8वीं कक्षा के छात्रों को नहीं दी जाती थी. अब यह व्यवस्था कक्षा 6वीं और 7वीं, 8वीं के छात्रों के लिए भी कर दी गई है. इसके अलावा पहले संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए इसमें 50 हजार रुपये वार्षिक आय वाले ही स्कॉलरशिप का पात्र होते थे लेकिन अब इस शर्त को भी हटा दिया गया है. अब इसमें किसी भी वर्ग और आय के छात्र हिस्सा ले सकते हैं. इस छात्रवृत्ति का लाभ उत्तर प्रदेश के 517 संस्कृत विद्यालय के छात्र ले पाएंगे.