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कल 26 नवंबर से खुलेंगे गुरुग्राम के सभी सरकारी-निजी स्कूल, लागू होगी ये SOP

School Reopen: डीसी डॉक्टर यश गर्ग ने स्कूल खोलने के आदेश जारी किए हैं. बता दें कि पहले की तरह शुक्रवार से कोविड नियमों का पालन करते हुए सामान्य रूप से स्कूलों व शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं लगेंगी.

प्रतीकात्मक फोटो (Getty) प्रतीकात्मक फोटो (Getty)

शुक्रवार 26 नवंबर से गुरुग्राम ज़िले के सभी सरकारी और निजी स्कूल खुलेंगे. डीसी डॉक्टर यश गर्ग ने स्कूल खोलने के आदेश जारी किए हैं. बता दें कि पहले की तरह शुक्रवार से कोविड नियमों का पालन करते हुए सामान्य रूप से स्कूलों व शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं लगेंगी. 

वहीं राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के कहर को देखते हुए बंद किए गए स्कूल-कॉलेजों को फिर से खोलने का फैसला लिया गया है. 29 नवंबर से राजधानी के स्कूल-कॉलेज दोबारा खोल दिए जाएंगे. पॉल्यूशन लेवल में कमी आने के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. साथ ही, दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के लिए दी जा रही वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी 29 नवंबर से खत्म हो जाएगी. सोमवार से सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर जाकर काम करना होगा.

दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने बताया, ''29 नवंबर से सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम खत्म किया जा रहा है. लोगों को सुझाव है कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही इस्तेमाल करें.'' पॉल्यूशन की समस्याओं पर रिव्यू बैठक करने के बाद मंत्री गोपाल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ''पिछले तीन दिनों में दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति लगातार सुधर रही है. वर्तमान समय में प्रदूषण दिवाली से पहले वाली स्टेज पर पहुंच गया है.'' मालूम हो कि पिछले कई सालों की तरह इस साल भी दिवाली के इर्द-गिर्द राजधानी की हवा प्रदूषित होने लगी थी. हालांकि, पिछले कुछ दिनों में लगातार सुधार आ रहा है.

गोपाल राय ने जानकारी दी है कि 3 दिसंबर तक ट्रकों की एंट्री पर रोक जारी रहेगी. हालांकि, सीएनजी और ई-वाहनों को इसमें छूट दी गई है. स्कूल-कॉलेजों के अलावा, राजधानी के सभी एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स को भी 29 नवंबर से खोलने की छूट दे दी गई है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में लगातार राजधानी के प्रदूषण को लेकर सुनवाई हो रही है. कोर्ट ने केजरीवाल सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी फटकार लगाई थी. इसके बाद, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण स्तर पर काबू पाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए थे. स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया था. साथ ही निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई थी. वहीं, दिल्ली के 11 कोयला आधारित बिजली संयत्रों में से सिर्फ पांच को ही चलाने की अनुमति दी गई थी. सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर आकर काम करने के बजाए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिली थी.

 

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