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Delhi Pollution: NCR के 11 में से 6 थर्मल पावर प्लांट रहेंगे बंद... जानिए स्कूल-कॉलेजों, दफ्तरों, कंस्ट्रक्शन, ट्रकों पर क्या हुए 10 बड़े फैसले

बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली-एनसीआर में कई पाबंदियां लगा दी गई हैं. दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के साथ हुई बैठक के बाद कमीशन फॉर एयर क्‍वालिटी मॉनिटरिंग ने प्रतिबंध से जुड़े आदेश जारी कर दिए.

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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से हालात बेहाल होते जा रहे हैं. (फाइल फोटो-PTI) दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से हालात बेहाल होते जा रहे हैं. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अगले आदेश तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद
  • कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी पर पूरी तरह रोक
  • दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर लगी पाबंदी

Delhi-NCR Pollution Measures: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बिगड़े हालातों को काबू में लाने के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं. कमीशन फॉर एयर क्‍वालिटी मॉनिटरिंग (CAQM) ने इससे जुड़े आदेश जारी कर दिए. इसके मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में सभी स्कूल, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों को अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही दफ्तरों, कंस्ट्रक्शन और ट्रकों की एंट्री को लेकर भी फैसले लिए गए हैं. दिल्ली-एनसीआर राज्यों के साथ हुई बैठक के बाद CAQM ने क्या-क्या फैसले लिए? आइए जानते हैं...

1. थर्मल पावर प्लांट को लेकर

- राजधानी दिल्ली के 300 किमी के दायरे में आने वाले 11 में से 6 थर्मल पावर प्लांट 30 नवंबर बंद तक रहेंगे. सिर्फ 5 प्लांट- NTPC, झज्जर; महात्मा गांधी TPS, CLP झज्जर; पानीपत TPS, HPGCL; नाभा पावर लिमिटेड TPS, राजपुरा और तलवंडी साबो TPS, मनसा में ही काम होगा. 

2. स्कूल-कॉलेजों को लेकर

- दिल्ली-एनसीआर के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे. इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई ही होगी.

3. दफ्तरों को लेकर

- दिल्ली-एनसीआर के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में काम करने वाले 50 फीसदी कर्मचारियों को ही आने की अनुमति होगी. बाकी 50 फीसदी कर्मचारी 21 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम मोड में काम करेंगे. 

दिल्ली में दिवाली के बाद हवा और खराब हो गई है. (फाइल फोटो-PTI)

4. कंस्ट्रक्शन को लेकर

- 21 नवंबर तक सभी तरह की कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी पर भी रोक लगा दी गई है. हालांकि, रेलवे सर्विस, मेट्रो सर्विस, एयरपोर्ट और इंटर स्टेट बस टर्मिनल, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी जारी रहेगी. अगर कोई व्यक्ति या संस्था सड़क किनारे कंस्ट्रक्शन से जुड़ा मलबा फेंकता हुआ पाया जाता है तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

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5. इंडस्ट्रीज को लेकर

- एनसीआर में गैस क्षमता वाली सभी इंडस्ट्रीज को चालू रखने की अनुमति है. किसी भी इंडस्ट्री को अनएप्रूव्ड फ्यूल का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. अगर किसी इंडस्ट्री में अनएप्रूव्ड फ्यूल का इस्तेमाल होता है तो उसे बंद कर दिया जाएगा.

6. ट्रकों की एंट्री को लेकर

- गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली में सारे ट्रकों की एंट्री पर 21 नवंबर तक रोक लगा दी गई है. इसमें सिर्फ जरूरी सामानों को ढोने वाले ट्रकों को ही छूट दी गई है. 

7. गाड़ियों को लेकर

- पेट्रोल की 15 साल पुरानी और डीजल की 10 साल पुरानी गाड़ियों को सड़कों पर चलने की इजाजत नहीं होगी. व्यस्ततम इलाकों में ट्रैफिक टास्क फोर्स की टीमें तैनात की गई हैं, ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे. जल्द से जल्द सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं. 

10 दिन से ज्यादा समय से AQI 400 के आसपास ही रहा है. (फाइल फोटो-PTI)

8. डीजल जनरेटरों को लेकर

- कमीशन ने डीजल जनरेटरों यानी डीजी सेट्स के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है. इमरजेंसी होने पर ही डीजी सेट्स के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है. 

9. एंटी स्मॉग गन को लेकर

- एंटी स्मॉग गन और पानी का छिड़काव करने वाली मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में दिन में तीन बार धूल को हटाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाएगा. 

10. सरकारों को लेकर

- जो निर्देश जारी किए गए हैं, उसका क्या असर रहा, इसे लेकर हर दिन राज्यों के चीफ सेक्रेटरी निगरानी करेंगे. इसके बाद 22 नवंबर को आयोग के सामने कम्प्लायंस रिपोर्ट पेश करेंगे. 

 

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