अमेरिका की टेक कंपनी Oracle ने बड़ी छटनी की है जिसका साफ असर भारतीय कर्मचारियों पर देखने को मिल रहा है. इस दौरान करीब 12 हजार कर्मचारियों की नौकरी चली गई है और आने वाले टाइम इसकी संख्या बढ़ सकती है. वहीं, ग्लोबली करीब 30 हजार लोगों की नौकरी चली गई है. सुबह 6 बजे उन्हें मेल मिला. इस मेल में लिखा था कि कई लोगों के रोल को खत्म किया जा रहा है. क्योंकि ये बड़े ऑर्गनाइजेशनल बदलाव का हिस्सा है. मेल मिलने के बाद से लोगों के मन में कई तरह से सवाल उठ रहे हैं कि वे आगे क्या करेंगे या उन्हें दूसरी नौकरी कब तक मिलेगी.
क्या है नौकरी जाने की असली वजह ?
बताया जा रहा है कि कंपनी अपने खर्च को कम करने के लिए और बिजनेस स्ट्रक्चर को बदलने के लिए ये फैसला लिया है. इसकी एक और बढ़ी वजह है AI. कंपनियां लगातार AI और ऑटोमेशन पर फोकस कर रही हैं जिसकी वजह से मशीन अधिकतर काम कर रही है और इंसानी हाथों का असर कम हो रहा है, जिसके चलते Oracle ने छटनी का फैसला लिया है. AI अब सिर्फ एक सपोर्ट टूल नहीं रहा, बल्कि वह कई ऐसे काम खुद करने लगा है जो पहले इंसान करते थे. जैसे कि कस्टमर सपोर्ट में अब चैटबॉट्स तेजी से जवाब दे रहा है, डेटा एनालिसिस के लिए AI टूल्स कम समय में ज्यादा सटीक रिजल्ट दे रहे हैं और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में भी AI कोड लिखने और टेस्टिंग तक में मदद कर रहा है. कंपनियां अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम कर पा रही हैं, जिससे उनके खर्च में कमी आ रही है. यही वजह है कि कई कंपनियां पारंपरिक रोल्स को खत्म कर रही हैं और उनकी जगह AI आधारित सिस्टम को अपना रही हैं.
सुबह मेल और गई जॉब
बता दें कि Oracle में काम करने वाले कर्मचारियों को सुबह 6 बजे मेल आया जो Oracle लीडरशिप की ओर से था. इसमें उन्होंने ये साफ कर दिया कि कई लोगों के रोल को खत्म किया जा रहा है और लास्ट वर्किंग डेट के बारे में बताया है.
भारतीयों पर दिखा असर
भारत IT सेक्टर का हब है. छटनी का सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ेगा. इस दौरान करीब 12 हजार लोगों की नौकरी चली गई है. वहीं, ग्लोबली ये आंकड़ा 30 हजार है.
कई और टेक कंपनियों ने की छटनी
Oracle पहली ऐसी कंपनी नहीं है जिसने छटनी की है. इसके पहले देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियां छटनी कर चुकी है इनमें गूगल, मेटा, अमेजन शामिल हैं.
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