नीट यूजी 2026 की परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के मामले ने तूल पकड़ लिया है. सामने आया है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है और सीबीआई में इस मामले में केस दर्ज करके जांच करने जा रही है. अभी तक इसकी जांच राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कर रही थी.
पुलिस ने अब तक इस मामले में 45 लोगों को हिरासत में लिया है. सामने आया है कि सारा विवाद एक गेस पेपर से शुरू हुआ, जिसके 720 में से करीब 600 नंबर के सवाल असली परीक्षा से हूबहू मेल खा रहे थे. इस मामले में केरल के एक MBBS छात्र का कनेक्शन भी सामने आ रहा है, जिसने गेस पेपर को अपने पापा को मैसेज में भेजा था.
वहीं, इस मामले में नीट के अभ्यर्थी छात्रों में भी काफी रोष देखा जा रहा है. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा कि, एनटीए पेपर की सुरक्षा मामले में लापरवाही बरत रहा है और ये ठीक बात नहीं है. पहले भी पेपर लीक हो चुका है. इसके बाद एनटीए दोबारा पेपर लेता है और उसे टफ कर देता है.
लेकिन पेपर लीक कराने वाले गुनाहगारों की न पहचान हो पाती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई होती है. इस बार पेपर इजी था, लगा ही नहीं था कि NEET का पेपर है, कोई डर नहीं था, कितनी खुशी हो रही थी लेकिन अब सब मेहनत पर पानी फिर गया है. अब पेपर लीक की बात सामने आई है तो एंग्जायटी हो रही है.
'बार-बार पेपर लीक होने से मन में डर'
कोटा में नीट की तैयारी कर रही छात्राओं ने आजतक से बातचीत में बताया कि, 'बार-बार पेपर लीक होने से हमारे मन में डर बैठ गया है. हम इतनी मेहनत करते हैं और अब डर लगता है कि कहीं हम जब एग्जाम देकर निकलें तो पता चले कि फिर पेपर लीक हो गया है. एक और छात्रा ने कहा कि, 'हमें अब पेपर को लेकर काफी एंग्जायटी हो रही है. इससे हमारे मन में डर बैठ जाता है कि अब दोबारा पेपर देंगे तो पता नहीं अब वो कैसा जाएगा. वहीं, कई स्टूडेंट तो 3 मई के एग्जाम के बाद खुश होंगे कि पेपर अच्छा गया था, लेकिन अब सब बेकार हो गया है.'
'पेपर की सुरक्षा में लापरवाही'
भोपाल की एक छात्रा ने कहा- हमें बहुत दुख हो रहा है. जब पता चला कि इतना इजी पेपर आया था, लेकिन अब सब खुशी पर पानी फिर गया है. इसमें एजेंसी की बड़ी लापरवाही है, पेपर की सुरक्षा में कहीं न कहीं लापरवाही हो रही है. इससे बहुत परेशानी हो रही है.'
'पेपर लीक होने से छात्रों का नुकसान'
चंडीगढ़ के छात्रों ने कहा कि 'इस तरह बार-बार परीक्षा लीक होने से अभ्यर्थियों का नुकसान ही होता है. हम लोग कई बार तैयारी करने के लिए ड्रॉप लेते हैं, ये कोई एक बार की तैयारी नहीं होती है. लेकिन इससे तैयारी, पढ़ाई और सारी स्ट्रैटजी पर असर पड़ता है.'
'एग्जाम क्रैक होने में बहुत लगती है मेहनत'
आजतक से बात करते हुए पटना के छात्रों ने बताया कि नीट का एग्जाम क्रैक करने में काफी मेहनत लगती है और जब मेहनत इस तरह बेकार जाती है तो न कुछ करते बनता है और न ही कुछ सोचते. पढ़ाई और तैयारी के लिए एक मोमेंटम बनाना होता है, स्ट्रैटजी बनानी होती है, लेकिन इन सबमें ये स्ट्रैटजी बनाकर तो कोई भी पढ़ाई नहीं कर रहा होता है कि पेपर भी लीक हो जाएगा. ये हमारी मेहनत के साथ खिलवाड़ हो रहा है.