मेडिकल कालेजों में एडमिशन के लिए आयोजित की गई नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा पर उठ रहे सवालों के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक छात्रा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. छात्रा ने NEET एग्जाम आयोजित कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के रिजल्ट को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.
aajtak से बात करते हुए निशिता सोनी ने बताया कि परीक्षा के कुछ दिन बाद जब 48 घंटे के लिए NTA ने रिस्पान्स शीट अपलोड की थी तो उन्होंने उसे डाउनलोड कर लिया था. लेकिन बाद में आंसर की रिजल्ट से मिलान करने पर मालूम हुआ कि उनके नंबर तो कम हो गए हैं, क्योंकि रिस्पांस शीट के मुताबिक उनके 617 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन रिजल्ट में 340 अंक ही दिए गए हैं.
NEET कैंडिडेट निशिता के मुताबिक, उन्होंने 200 में से 178 सवालों के जवाब दिए थे. रिस्पांस शीट (OMR शीट) और आंसर की से मिलान करने पर 159 सही और 19 जवाब गलत थे. ऐसे में 617 नंबर मिलने चाहिए थे लेकिन रिजल्ट आने पर मिले सिर्फ 340 नंबर. बता दें कि एक सही जवाब के 4 नंबर मिलते हैं और गलत जवाब का एक नंबर काटा जाता है.
निशिता ने बताया कि रिजल्ट आने के 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने NTA को ईमेल कर दिया था लेकिन NTA से किसी भी तरह का जवाब न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. निशिता के मुताबिक उन्होंने इस परीक्षा के लिए एक साल का ड्रॉप लिया था.
बता दें कि 5 मई को देशभर में NEET-UG के लिए परीक्षा आयोजित हुई थी और 4 जून को रिजल्ट जारी होने के बाद से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी सवालों के घेरे में है.