आम चुनाव 2024 के बाद से ही विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस और दूसरे नंबर की सपा हर मोर्चों पर केंद्र सरकार को बेरोजगारी, नौकरी के मुद्दे पर घेर रही है. रोजगार के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार को घेरने से युवाओं को खुद से जोड़ने का काम कर रहे हैं. ऐसे में बीजेपी युवाओं के मोर्चे पर खुद को आगे कर रही है. दिल्ली में न केवल दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के रूप में वो मौका आ गया है बल्कि साल 2025 में आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिहाज से बहुत मायने रखता है.
हरियाणा और जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार प्रसार तो सियासी पार्टियां कर हो रही हैं. इसके बाद महाराष्ट्र, झारखंड और अंत में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होगा. बीजेपी, डूसू चुनाव जीतकर यह संदेश देना चाहेगी है कि युवा नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के समर्थन में है. वहीं पर ये जीत कार्यकर्ताओं में दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर उत्साह भर देगी.
बीजेपी प्रदेश ने बना दी टीम
भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ ही भाजपा के अनुभवी नेताओं को इसके लिए लगाया गया है. जो चुनावी रणनीति बनाने के साथ ही चुनाव प्रचार भी करेंगे. प्रदेश भाजपा महामंत्री विष्णु मित्तल इस टीम के प्रमुख हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी अभिषेक टंडन सह प्रमुख बनाए गए हैं इनकी देखरेख में हर संगठनात्मक जिले में दो-दो कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है, जिसमें डूसू राजनीति से जुड़े रहे नेता भी शामिल हैं. टीम के ये सदस्य एबीवीपी के साथ मिलकर काम करेंगे.
बीजेपी नेताओं का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मंडल स्तर पर काम शुरू किया जाएगा. प्रत्येक मंडल को अपने क्षेत्र में रहने वाले छात्रों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क करना होगा. विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा के साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का स्टूडेंट विंग भी पूरी तरह से तैयार है.
ABVP के 9 संभावित उम्मीदवार
एबीवीपी ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए 09 संभावित उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. ऋषभ चौधरी, ऋषिराज सिंह, अमन कपासिया, भानुप्रताप सिंह, आर्यन मान, यश डबास, कनिष्का चौधरी, हिमांशु नागर एवं मित्राविंदा है. एबीवीपी ने प्री-कैंपेनिंग शुरू कर दी है, जो 09 सितंबर से लेकर 12 सितंबर तक दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों में चल रही है.
11 साल में 8 बार एबीवीपी तो 3 बार NSUI को मिली जीत
DUSU चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव को 52 कॉलेज के छात्र सीधे चुनते हैं. बीते 11 सालों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को आठ बार अध्यक्ष का पद मिला तो कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने 3 बार जीत दर्ज की. 2017 में NSUI ने आखिरी बार अध्यक्ष का पद जीता. 28 सितंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे. 27 सितंबर को चुनाव होगा. प्रचार प्रसार स्टूडेंट विंग ने शुरू कर दिया है.
अब तक ये रहा है जीत का आंकड़ा
2004: NSUI ने अध्यक्ष पद समेत तीन पद पर जीत हासिल की.
2008: ABVP ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया तो वहीं NSUI अपना सचिव बनवाने में कामयाब रही.
2012: NSUI ने टॉप 3 पदों पर ABVP को क्लीन स्वीप कर दिया था.
2013: NSUI को सचिव पद पर जीता मिली.
2014: ABVP ने क्लीन स्वीप की थी.
2016: NSUI ने संयुक्त सचिव का पद जीता था लेकिन बाकी 3 पद ABVP के खाते में गए थे.
2017: चार साल बाद ABVP को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर बड़ा झटका लगा था. केवल सचिव और संयुक्त सचिव पद पद जीत हासिल की थी.
2019: ABVP 3 पद और NSUI सचिव पद जीतने में कामयाब रही.
2023: ABVP ने अध्यक्ष पद सहित तीन केंद्रीय पैनल पदों पर जीत हासिल की, जबकि NSUI ने उपाध्यक्ष पद हासिल किया. COVID-19 महामारी के कारण तीन साल के अंतराल के बाद चुनाव हुए थे.