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CBSE Big Update: 9वीं-10वीं के छात्रों के लिए बदल गए नियम, अब 'कावेरी' किताब से पढ़ेंगे अंग्रेजी, जानें क्या है नया फॉर्मूला

CBSE Class 9-10 New Language Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भाषाओं के चयन को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी किया है. अब स्कूलों में 'इंग्लिश कम्युनिकेटिव' की जगह नई किताब और नया सिलेबस लागू होगा.

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए भाषा के चयन और सिलेबस को लेकर बेहद महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है. बोर्ड ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCFSE-2023) के तहत कई बड़े बदलाव किए हैं, जो साल 2026-27 के सत्र से लागू होंगे. इस फैसले का सीधा असर देशभर के लाखों छात्रों पर पड़ेगा.

अब अंग्रेजी के लिए पढ़नी होगी नई किताब 'कावेरी'
बोर्ड ने इस बार अंग्रेजी के सिलेबस में बड़ा फेरबदल किया है. अब तक चल रहे 'इंग्लिश कम्युनिकेटिव' कोर्स को कक्षा 9वीं से पूरी तरह बंद कर दिया गया है. अब छात्रों को केवल एक ही अंग्रेजी कोर्स पढ़ना होगा, जिसके लिए एनसीईआरटी (NCERT) की नई किताब 'कावेरी' को अनिवार्य कर दिया गया है.

कैसा होगा भाषाओं का नया फॉर्मूला? (R1 और R2)
CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 9वीं के छात्रों को दो भाषाओं का चुनाव करना होगा, जिन्हें R1 और R2 कैटेगरी में बांटा गया है:

R1 (पहली भाषा): छात्र हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू या कन्नड़ में से किसी एक को अपनी मुख्य भाषा (R1) के रूप में चुन सकते हैं.
R2 (दूसरी भाषा): R1 चुनने के बाद, छात्र बोर्ड द्वारा ऑफर की गई अन्य 43 भाषाओं में से कोई भी दूसरी भाषा (R2) ले सकते हैं.
सख्त नियम: छात्र R1 और R2 के रूप में एक ही भाषा का चुनाव नहीं कर पाएंगे. उदाहरण के लिए, अगर किसी ने R1 में हिंदी ली है, तो उसे R2 में कोई दूसरी भाषा लेनी होगी.

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कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए क्या बदलेगा?
जो छात्र सत्र 2026-27 में कक्षा 10वीं में होंगे, उनके लिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं है. बोर्ड ने साफ किया है कि 10वीं के छात्र वही भाषाएं पढ़ना जारी रखेंगे जो उन्होंने 9वीं कक्षा (सत्र 2025-26) में चुनी थीं. उनकी असेसमेंट स्कीम भी पुराने ढर्रे पर ही रहेगी.

कन्नड़, हिंदी और उर्दू पर विशेष ध्यान
नोटिफिकेशन के मुताबिक, कन्नड़ भाषा को लेकर विशेष तैयारी की गई है. अब छात्र कन्नड़ को R1 और R2 दोनों स्तरों पर चुन सकेंगे क्योंकि इसके लिए नई किताबें तैयार हो चुकी हैं. वहीं, हिंदी और उर्दू के लिए भी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन भाषाओं की किताबें दोनों स्तरों (R1 और R2) के लिए उपलब्ध होंगी.

क्या हैं इस बदलाव के मायने?
एकरूपता: इंग्लिश कम्युनिकेटिव को बंद करने से अब पूरे देश में अंग्रेजी का एक समान सिलेबस होगा. वहीं, कन्नड़ को मुख्य भाषाओं की सूची में शामिल करना भाषाई विविधता को बढ़ावा देने की ओर एक कदम है. यह नया सिस्टम छात्रों को तीन भाषाएं (R3) पढ़ने के लिए तैयार कर रहा है, जो पूर्ण रूप से सत्र 2029-30 से लागू होगा.

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