केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की बोर्ड परीक्षाएं जल्द ही शुरू होने वाली हैं. इसके पहले बोर्ड की ओर से वेबिनार का आयोजन किया गया. इस दौरान उन्होंने बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी, अनुशासन नियम और डिजिटल मूल्यांकन समेत कई मुद्दों के बारे में जानकारी दी. सीबीएसई ने परीक्षा अनुशासन को सबसे अहम बताया है. इसके साथ ही CBSE में हुए बदलावों का भी जिक्र किया है.
इस वेबिनार की अध्यक्षता डॉ संयम भारद्वाज ने की. हालांकि, इसकी शुरुआत सीबीएसई चेयरपर्सन राहुल सिंह की ओर से की गई.
अनुशासन और छात्रों के व्यवहार पर फोकस
CBSE ने वेबिनार के दौरान परीक्षा अनुशासन को सबसे अहम मुद्दा बताया. इसके साथ ही अभिभावकों से अपील की कि CBSE की ओर से हुए बदलावों को अच्छी तरह से समझें और बच्चों को ईमानदारी ने एग्जाम देने के लिए प्रेरित करें. इसके साथ छात्रों से भी परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचने और दिए गए सभी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है.
अफवाहों से दूर रहने की दी सलाह
डॉ. भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी वीडियो को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि छात्र किसी भी तरह की सोशल मीडिया पर आ रही अफवाहों पर ध्यान देने से बचें. छात्र केवल बोर्ड की ऑफिशियल सूचना पर ध्यान दें. इसके साथ ही अफवाह फैलाने वाले खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है.
46 लाख छात्र होंगे शामिल
CBSE ने यह भी बताया कि इस साल बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन बड़े लेवल पर किया जा रहा है. लगभग 31 हजार से ज्यादा स्कूलों और 26 देशों में फैले केंद्रों से करीब 46 लाख छात्र परीक्षा देंगे. इसके लिए दुनिया भर में 8 हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी, जो 11 मार्च 2026 तक चलेंगी. वहीं कक्षा 12 की परीक्षाएं भी 17 फरवरी से शुरू होकर 10 अप्रैल 2026 तक चलेंगी.
तीन बड़े बदलावों पर फोकस
वेबिनार के दौरान CBSE ने परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए तीन बड़े बदलाव का ऐलान किया है. बोर्ड की ओर से इन बदलावों का उद्देश्य मूल्यांकन में गलतियों को कम करना, विषय-विशेष आकलन को बेहतर बनाना और पूरी परीक्षा को अधिक छात्र-अनुकूल बनाना है.
कैसे काम करेगा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?
बता दें कि नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के तहत 12वीं कक्षा की कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल तरीके से जांचा जाएगा.
प्रशिक्षित शिक्षक कंप्यूटर के माध्यम से मूल्यांकन करेंगे, जिससे जोड़-घटाव या पोस्टिंग जैसी गलतियों की संभावना कम हो जाएगी.
सीबीएसई ने बताया कि मूल्यांकन शुरू होने से पहले शिक्षकों को इस लेकर ट्रेनिंग दी जाएगी.
डिजिटल मूल्यांकन से क्या होगा फायदा
वेबिनार में बोर्ड ने डिजिटल मूल्यांकन से होने वाले फायदे के बारे में भी बात की है. उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के जरिए नंबरों को जोड़ने और अपलोड करने में होने वाली गलतियां खत्म होंगी. शिक्षक अपने ही स्कूल से कॉपियां चेक कर सकेंगे. इससे उन्हें यात्रा कम करनी होगी और मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी.