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Bihar 10th Topper: लॉकडाउन में स्कूल रहे बंद, टॉपर बहनों ने भाई को पढ़ाकर करा दिया टॉप

Bihar Board Class 10th Result 2021: बिहार बोर्ड ने 10वीं परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं. इस कड़ी में आरा का होनहार छात्र अभिषेक कुमार ने पूरे बिहार में  5वां स्थान लाकर ना सिर्फ परिवार वालों का मान-सम्मान बढ़ाया है. जानें कैसे बहनों ने भाई को टॉपर बनाने में की मदद.

बिहार में 10वीं परीक्षा में अभिषेक कुमार ने हासिल किया 5वां स्थान बिहार में 10वीं परीक्षा में अभिषेक कुमार ने हासिल किया 5वां स्थान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूरे बिहार में अभिषेक कुमार ने हासिल किया 5वां स्थान
  • लॉकडाउन में बहनें करती थीं भाई की पढ़ाई में मदद

बिहार मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट की घोषणा हो गई. इस कड़ी में आरा का होनहार छात्र अभिषेक कुमार ने पूरे बिहार में  5वां स्थान लाकर ना सिर्फ परिवार वालों का मान-सम्मान बढ़ाया है, बल्कि विद्यालय और जिले का नाम भी रोशन कर दिया है. टॉप 5 रैंक लाने वाला मेधावी छात्र अभिषेक कुमार कैथोलिक मिशन स्कूल का छात्र है. जिसने मैट्रिक परीक्षा में 480 अंक हासिल कर बिहार के टॉप 5 छात्रों में जहग बना ली है.

 मैट्रिक परीक्षा का परिणाम आते ही अभिषेक के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया. टॉपर अभिषेक ने बताया कि इस परिणाम के पीछे उनके परिवार, शिक्षक और जिला शिक्षा विभाग द्वारा चलाया गया विशेष कोर्स का योगदान रहा है. अभिषेक का सपना है कि वह आईएएस बने जिसे वो पूरा करने की कोशिश में दिन रात मेहनत करेगा. अभिषेक एक सामान्य परिवार से है, जिनके पिता श्यामनंदन कुमार आरा सिविल कोर्ट में वकील है और माता ममता शर्मा गृहणी है.

लॉकडाउन में बहनों ने की पढ़ाई में मदद
आरा के विष्णु नगर मुहल्ले के बैंक कॉलोनी में अभिषेक का अपना मकान है. मेधावी छात्र ने बताया कि लॉकडाउन में विद्यालय और कोचिंग बंद हो जाने के बाद पढ़ाई में काफी दिक्कत हो रही थी लेकिन दो बड़ी बहनो के मदद से लॉकडाउन में भी पढ़ाई का कारवां जारी रहा. बता दें कि अभिषेक अपने दो बहनों का एकलौता भाई है और उसकी दोनों बहने पढ़ाई में काफी तेज तर्रार हैं. बहन अंकिता कुमारी और हंसिका भी साल 2015 और 2020 में अपने विद्यालयों में मैट्रिक टॉपर रह चुकी है. 

आईएएस बनना चाहता है टॉपर अभिषेक
अभिषेक के रिजल्ट के बाद रिश्तेदार और पड़ोसी उन्हें बधाई दें रहे हैं.  छात्र ने भविष्य में आईएएस बन कर समाज सेवा करने की इच्छा जाहिर की है. वहीं, छात्र के माता-पिता ने कहा कि उनका बेटा पढ़ने में पहले से ही काफी होशियार था और उसकी मेहनत देख कर प्रतीत होता था कि वो टॉपर बनेगा लेकिन, पूरे बिहार में पांचवा रैंक लाएगा ये नहीं सोचा था. माता-पिता ने आगे कहा कि वो बेटे के साथ पढ़ाई के लिए जबरदस्ती नहीं करते थे, बल्कि फ्रेंडली माहौल देकर उसे प्रोत्साहित करते थे. उन्होंने कहा कि आगे भी वो ऐसा ही करेंगे ताकि बेटा का जो लक्ष्य है वो आसानी से हासिल कर सकें.

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