भारतीय रेलवे में ट्रेन ड्राइवर, जिसे लोको पायलट कहा जाता है, की सैलरी पद और अनुभव के अनुसार तय होती है. असिस्टेंट लोको पायलट की शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 35,000–45,000 रुपये होती है, जबकि सीनियर लोको पायलट की सैलरी 80,000 रुपये या उससे अधिक हो सकती है. वेतन के साथ महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस, नाइट ड्यूटी अलाउंस, ओवरटाइम, मेडिकल सुविधा, मुफ्त रेल यात्रा और पेंशन जैसी कई सुविधाएं भी मिलती हैं.
कितनी होती है लोको पायलट की सैलरी?
लोको पायलट की सैलरी उनके पद और अनुभव पर निर्भर करती है. रेलवे में आमतौर पर तीन स्तर होते हैं:
1. असिस्टेंट लोको पायलट (ALP)
शुरुआती बेसिक सैलरी: करीब 19,900 रुपये (7वें वेतन आयोग के अनुसार)
कुल इन-हैंड सैलरी: लगभग 35,000 से 45,000 रुपये प्रति माह (भत्तों सहित)
2. सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट / लोको पायलट
बेसिक सैलरी: लगभग 35,000 रुपये से शुरू
कुल सैलरी: 55,000 से 75,000 रुपये तक
3. सीनियर लोको पायलट (मेल/एक्सप्रेस ट्रेन)
अनुभव के साथ सैलरी 80,000 से 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा भी हो सकती है.
ओवरटाइम और नाइट ड्यूटी के अतिरिक्त पैसे भी मिलते हैं.
सैलरी में बेसिक पे के अलावा कई तरह के भत्ते जुड़ते हैं, जिससे कुल आय बढ़ जाती है.
कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
रेलवे अपने कर्मचारियों को कई सुविधाएं देता है, जैसे:
काम कैसा होता है?
ड्यूटी शिफ्ट के आधार पर होती है (दिन/रात). लंबी दूरी की ट्रेनों में कई घंटे लगातार काम करना पड़ सकता है.
जिम्मेदारी बहुत अधिक होती है, इसलिए ट्रेनिंग और मेडिकल फिटनेस जरूरी है.
ट्रेन ड्राइवर यानी लोको पायलट की नौकरी सम्मानजनक और जिम्मेदारी भरी होती है. सैलरी अच्छी होती है और इसके साथ कई सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं. अनुभव बढ़ने के साथ वेतन और पद दोनों में वृद्धि होती है.अगर आप रेलवे में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प माना जाता है.