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मछली, कुत्ता या कछुआ जलजले की वजह क्या?

विज्ञान की मदद से भूकंप को समझना आसान हो गया है. लेकिन पहले ऐसा नहीं होता. प्राचीन काल में जब-जब धरती हिलती थी, लोग कुछ मान्यताएं गढ़ लेते थे. दुनिया भर में इनमें से कुछ परिकथाएं ये रहीं...

विज्ञान की मदद से भूकंप को समझना आसान हो गया है. लेकिन पहले ऐसा नहीं होता. प्राचीन काल में जब-जब धरती हिलती थी, लोग कुछ मान्यताएं गढ़ लेते थे. दुनिया भर में इनमें से कुछ परिकथाएं ये रहीं...

भारतः भारतीय पौराणिक कथाओं के मुताबिक, धरती मां कई जानवरों पर टिकी है. वरहा अवतार के सींग पर, शेषनाग के फन पर, गाय के सींग पर या कोबरा के ऊपर खड़े कछुए पर संतुलन बनाकर खड़े हाथियों की पीठ पर. इनमें से जब कभी कोई जानवर हिलता है, तो भूकंप आता है.

जापानः नमाज़ू ज़मीन के नीचे कीचड़ में रहने वाली मछली है और भगवान काशिमा पत्‍थर लेकर उससे सुरक्षा करते हैं. जब कभी काशिमा के चकमा खाने पर नमाज़ू हमला बोलती है, तो ज़मीन कांपने लगती है.

इंडोनेशियाःसुलावेसी में कुछ जातीय समूहों में पौराणिक कथाएं कहती हैं कि पृथ्वी एक विशालकाय बाबीरूसा की पीठ पर टिकी है. जब कभी इसे खुज़ाई महसूस होती है और यह अपनी पीठ पेड़ से खुज़ाता है, तो भूकंप आता है.

न्यूज़ीलैंडः मायारो पुराणों के मुताबिक धरती मां को पपातुआनुकू कहा जाता है और उसकी कोख में भगवान रू विराजते हैं. जब कभी वो आम बच्चों की तरह पैर चलाते हैं, तो भूकंप आता है.

स्कैंडिनेविआई मुल्कः नॉर्स पौराणिक कथाओं के मुताबिक भूकंप भगवान लोकी के हिंसक संघर्ष का नतीजा है. जब बदमाशी के भगवान लोकी ने सुंदरता की भगवान बाल्डर का ख़ून कर दिया था, तो उसे गुफा में बंद कर सज़ा दी गई. इस दौरान उनके सिर पर सांप रहता था, तो ज़हर उगलता रहता था. लोकी की पत्नी एक पात्र में हाथ में रखकर ज़हर इकट‍्ठा करती थी, लेकिन जब उसे कटोरा खाली करना होता और ज़हर लोकी के सिर पर गिरता, तो वो उसे ज़ोर से झटकता और इसकी वजह से भूकंप आता है.

यूनानः यूनानी पुराणों के मुताबिक समंदर का देवता पोज़ेडन भूकंप का देवता भी है. जब कभी वो गुस्सा होते हैं और अपना त्रिशूल ज़मीन पर पटकते हैं, तो भूकंप और दूसरी आपदाएं आती हैं.

रोमानियाः यह दुनिया आस्‍था, उम्मीद और धर्मार्थ के स्तंभों पर टिकी है. जब कभी इंसानी गलत हरकत इनमें से किसी को कमज़ोर बनाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है.

मोज़ाबिक: इस देश में माना जाता है कि धरती भी आम इंसानों की तरह है और उसकी दिक्कतें भी. इसलिए जब कभी उसे बुखार आता है या वो ठंड से कांपती है, तो भूकंप आता है.

साइबेरियाः यह धरती तुली नामक भगवान चलाते हैं और उसे खींचने का काम करते हैं कुत्ते, जिनमें कीड़े लगे हैं. जब कभी ये कुत्ते खुज़ाने के लिए रुकते हैं, तो ज़मीन हिलती है.

सौजन्य: NEWS FLICKS

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