ब्रिटेन में 40 लाख रुपये प्रति साल की नौकरी छोड़ने के एक युवा फिजियोथेरेपिस्ट के फैसले ने ऑनलाइन सुर्खियां बटोरी हैं और बहस छेड़ दी है. ऐसे समय में जब विदेश में काम करना करियर में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही भारत लौटने का फैसला किया. उनके इस कदम से अब पैसे, आजादी और आज के समय में सफलता का मतलब क्या है, जैसे सवालों पर चर्चा शुरू हो गई है.
विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी छोड़ना अक्सर करियर के लिहाज से बड़ा फैसला माना जाता है. खास तौर पर अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन जैसे देखों में. लेकिन एक युवा फिजियोथेरेपिस्ट ने ब्रिटेन में काम करने की अनुभव बिल्कुल अलग था. अपने करियर की शुरुआत में लगभग 40 लाख रुपये प्रति वर्ष कमाने के बावजूद, उन्होंने स्थिरता को छोड़कर भारत लौटने और नए सिरे से शुरुआत करने का फैसला किया.
क्यों छोड़ दी नौकरी?
फिजियोथेरेपिस्ट मानव शाह के लिए यह एक शानदार शुरुआत थी, जिसे कई लोग सपनों जैसा कहेंगे. ब्रिटेन में एक साल से थोड़े अधिक अनुभव के साथ ही उन्हें अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिल गई. लेकिन आर्थिक सफलता के पीछे, उन्हें सुबह 9 से शाम 5 बजे तक की नौकरी घुटन जैसे लगने लगी. उन्होंने कहा कि रोजाना वहीं रूटीन की वजह से काम से उनका दम घुटने लगा था. उन्हें लगा जैसे वे मानसिक रूप से कैद हो गए हों. धीरे-धीरे, अपनी मर्जी से जीने की चाहत इतनी बढ़ गई कि उन्हें पक्की सैलरी का लालच भी छोटा लगने लगा.
खुद का काम करना चाहते थे
शाह भारत इसलिए लौटे क्योंकि वे नौकरी करने के बजाय अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते थे. उन्हें लगा कि विदेश में एक ही पद पर टिके रहने से बेहतर है कि भारत जाकर कुछ नया किया जाए. उनके लिए भारत एक ऐसी जगह थी जहां वे खुलकर काम कर सकते थे. वे सुरक्षित नौकरी छोड़कर जोखिम उठाना चाहते थे ताकि अपने सपनों को पूरा कर सकें. खुद का मालिक बनने और अपनी मर्जी से काम करने की इसी इच्छा ने उनका फैसला बदल दिया.
विदेशों में अकेलेपन पर क्या बोले शाह?
शाह ने करियर के साथ-साथ अपनी इमोशनल और अकेलेपन की भी बात की. ब्रिटेन में पैसा और सुख-सुविधाएं तो बहुत थीं, लेकिन वहां उन रिश्तों की कमी थी जो उनके लिए अनमोल थे. उन्होंने बताया कि विदेश में रहने वाले लोग अक्सर अकेलेपन से जूझते हैं. वे परिवार के साथ समय बिताने और अपनों के साथ चाय पीने जैसे छोटे-छोटे चीजों को तरस जाते हैं. इसी चीज ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि उनके लिए असली खुशी क्या है.
भारत में रखना है किफायती
बता दें कि इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि भारत में रहना काफी किफायती है. हालांकि, ब्रिटेन में रखना थोड़ा मुश्किल है और खर्च भी ज्यादा होता है. यह पहली बार नहीं जब इस तरह की घटना सामने आई है. इसके पहले भी युवा अपनी मेंटल पीस और परिवार के लिए विदेशों की नौकरी छोड़ भारत आने का फैसला किया है.