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क्रिकेट मैच में कौन होता है क्यूरेटर, जिसके बिना नहीं होता कोई भी मैच, कितनी होती है सैलरी

क्रिकेट के मैदान पर पिच बड़ी भूमिका निभाती है. इस पिच को तैयार करने वालों को क्यूरेटर कहते हैं. इनके बिना कोई भी मुकाबला संभव नहीं हो सकता है. पिच को नम रखना है या उसे ड्राई करना है, घास कितनी रखनी होती, ये फैसला क्यूरेटर ही लेते हैं. अगर आप भी क्यूरेटर बनना चाहते हैं, तो इसके बारे में सारी डिटेल जान लें. 

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पिच को तैयार करने वाले को क्यूरेटर कहते हैं. (Photo:PTI)
पिच को तैयार करने वाले को क्यूरेटर कहते हैं. (Photo:PTI)

भारत में क्रिकेट केवल खेल नहीं बल्कि एक इमोशन है. इस समय टी-20 इंटरनेशनल वर्ल्ड कप चल रहा है. इस दौरान भारत के हर गली मोहल्ले में एक बार फिर से क्रिकेट की धूम देखने को मिल रही है. लेकिन मुकाबले की हार-जीत में पिच की बड़ी भूमिका होती है. इस पिच को तैयार करने वाले को क्यूरेटर कहते हैं. क्यूरेटर के ऊपर पिच की जिम्मेदारी होती है कि वो मौसम और मिट्टी को देखते हुए पिच तैयार करें. इसके लिए भारत में बीसीसीआई समेत अन्य क्रिकेट एसोसिएशन  क्यूरेटर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हैं. 

पिच क्यूरेटर किसी भी मुकाबले में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. वह यह भी तय करते हैं कि मैदान पर मैच की दिशा क्या रहेगी. पिच को नम रखना है या ड्राई, घास कितनी रखनी है, ये सारे फैसले क्यूरेटर लेते हैं. क्यूरेटर बनने के लिए बीसीसीआई का सर्टिफिकेट कोर्स पास करना जरूरी है. इसके साथ ही एक्सपीरियंस और स्किल भी चाहिए.

जान ले क्या है क्यूरेटर का मतलब 

क्रिकेट के बारे में जानकारी रखने वाले लोग पिच क्यूरेटर शब्द को बेहतर तरीके से समझते हैं. पिच को बनाने और उसकी देखभाल करने वालों को ही क्यूरेटर कहते हैं. इनके ऊपर किसी भी ग्राउंड की पिच तैयार करने की जिम्मेदारी होती है. वह मौसम और मिट्टी को देखते हुए फैसला करते हैं कि पिच कैसी होगी. 

कैसे बनते हैं क्यूरेटर?

पिच क्यूरेटर बनने के लिए क्रिकेट की नॉलेज के साथ क्रिकेट ग्राउंड पर काम करने का एक्सपीरियंस के साथ कई स्किल होना जरूरी है. अगर आप ग्राउंड पर काम करने के इच्छुक हैं, तो जान लेते हैं क्यूरेटर बनने के लिए कौन सा कोर्स करना होता है. लेकिन अगर आपके ग्राउंड पर काम करने का अनुभव है तो, इसके लिए पहले आपको बीसीसीआई का क्यूरेटर सर्टिफिकेशन कोर्स पूरा करना होगा. इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI एक लेवल-1 कोर्स भी कराती है. इसके अलावा मान्यता प्राप्त क्रिकेट संस्थाएं भी पिच क्यूरेटर का कोर्स कराती हैं. इंटरनेशल क्रिकेट कमेटी का क्रिओ क्रिकेट कार्यक्रम भी पिच क्यूरेटर फैसिलिटेटर की ट्रेनिंग देता है. 

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इन स्किल्स का होना भी है जरूरी

  • पिच क्यूरेटर बनने के लिए उम्मीदवार को क्रिकेट की अच्छी समझ होनी चाहिए.
  • ग्राउंड्स पर लंबे समय काम करने का अनुभव होना चाहिए.
  • मिट्टी और केमेस्ट्री के बारे में भी नॉलेज होना जरूरी है. 
  • कोर्स के लिए अप्लाई करने से पहले पिच क्यूरेटर के साथ भी काम का एक्सपीरियंस होना चाहिए. 
  • लीडरशीप क्वालिटी होनी चाहिए. 
  • डिसीजन मेकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल भी जरूरी है.

मिलती है इतनी सैलरी

पिच क्यूरेटर की सैलरी भी लोगों को खूब आकर्षित करती है. हालांकि, उनके सैलरी पर उनकी सैलरी डिसाइड होती है. स्टेट क्रिकेट बोर्ड की बात करें तो वह पिच क्यूरेटर को प्रतिमाह लगभग 20 से 30 हजार रुपये तक की सैलरी देते हैं, जबकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के जो पिच क्यूरेटर होते हैं, उनका वेतन करीब 40 हजार से 80 हजार रुपये हो सकती है. इसके अलावा पिच क्यूरेटर्स को सैलरी के अलावा हर मुकबाले के मुताबिक बोनस और अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं

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