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यही है हैंड रिटेन NEET का गेस पेपर, जो एग्जाम से ठीक पहले हुआ था लीक

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं जिससे बवाल मचा गया है. इसी बीच हैंड रिटेन नीट गेस पेपर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं जिससे मालूम चलता है कि यही वह पीडीएफ (PDF) है जिसे परीक्षा से ठीक पहले लीक की गई थी. इस PDF में मौजूद सवाल हूबहू नीट परीक्षा पेपर से मेल खा रहे.  

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A handwritten “guess paper” linked to the NEET UG 2026 paper leak investigation has surfaced online after India Today accessed details of the alleged leaked material.
A handwritten “guess paper” linked to the NEET UG 2026 paper leak investigation has surfaced online after India Today accessed details of the alleged leaked material.

NEET UG परीक्षा लीक मामले की कमान संभालते ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के एक्शन से हड़कंप मचा हुआ है. इस बीच हैंड-रिटेन केमिस्ट्री का पेपर सामने आया है जो नीट के पेपर से हूबहू मैच करता है. इस पीडीएफ को परीक्षा से ठीक पहले लीक किया गया था.इस मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. जांच एजेंसियों का दावा है कि पेपर लीक का नेटवर्क NTA से लेकर बड़े कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ है. CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से RCC रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है. उसके मोबाइल फोन से NEET के लीक प्रश्नपत्र बरामद हुए हैं.

सॉल्वर गैंग का नया पैंतरा

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक करने वाले गिरोह ने पकड़े जाने के डर से एक नया और शातिर तरीका अपनाया था. अमूमन असली प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर भेजी जाती है, लेकिन इस बार सबूत मिटाने और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए असली सवालों को पहले एक सादे कागज पर हाथ से लिखकर भेजा गया. \

NEET पेपर देखने के लिए क्लिक करें- 

कौन है शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर? 

CBI ने अपनी जांच के दौरान शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया है जिसके पास केमिस्ट्री के NEET के लीक प्रश्नपत्र बरामद हुए हैं. शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर लातूर समेत साल जिलों में RCC नाम का कोचिंग नेटवर्क चलाता है. इस कोचिंग सेंटर का टर्नओवर लगभग 100 करोड़ रुपये है. 

1 हफ्ते पहले आ गया था पेपर 

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जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने NEET यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र और उनके जवाब परीक्षा से 1 हफ्ते पहले हासिल कर लिए थे. पूछताछ के बाद मोटेगांवकर ने NTA से जुड़े कुछ अधिकारियों के साथ संपर्क की बात भी सामने आई. इस दौरान पी.वी. कुलकर्णी और मनीषा गुरुनाथ मांधरे का नाम सामने आया जिन्होंने NTA से प्रश्नपत्र चुराए थे.

क्या कहती है CBI? 

CBI इस बात का दावा कर रही है कि केमिस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी और बायोलॉजी की सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे उस एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थे, जो प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रोसेस में शामिल थे.

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