तमिलनाडु के एक टेक फाउंडर ने खुले तौर पर यह शेयर करने बाद सुर्खियां बटोरी है कि कैसे बेंगलुरु में 10,000 रुपये की इंटर्नशिप से लेकर वैश्विक ग्राहकों वाली अपनी खुद की कंपनी बनाने तक, सालों में उनके सैलरी में कितना बदलाव आया है. उनकी कहानी खास इसलिए है क्योंकि इसमें असली आंकड़े और करियर से जुड़े फैसलों को सही तरीके से दिखाया गया है. ऐसी बातें जिन पर आमतौर पर खुलकर चर्चा नहीं होती.
10 हजार रुपये की इंटर्नशिप से शुरू हुआ करियर
फाउंडर ने बताया कि साल 2018 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने करियर की यात्रा शुरू की. 25,000 रुपये की पक्की नौकरी छोड़कर उन्होंने कम पैसे वाली स्टार्टअप इंटर्नशिप को चुना, ताकि कुछ नया सीख सकें और आगे बढ़ सकें. उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वे महीनों ट्रेनिंग में समय बिताने के बजाय पहले दिन से ही असली काम सीखना चाहते थे. इस दौरान वह रूममेट्स के साथ एक फ्लैट में रहते थे और सीधे असली प्रोजेक्ट्स पर काम करते थे, यहां तक कि बड़ी-बड़ी तकनीकी समस्याएं भी संभालते थे. इसी वजह से उन्हें शुरुआत में ही अच्छा अनुभव और मजबूत स्किल्स सीखने का मौका मिला.
सैलरी में ऐसी हुई बढ़त
उनकी सैलरी एक दिन में ही नहीं बढ़ गई, इसके लिए उन्होंने नए स्किल्स सीखें. जैसे-जैसे उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं, उनकी आय में धीरे-धीरे बढ़त होते गई. 2019 में उन्होंने 25,000 रुपये प्रति माह की नौकरी शुरू की. यहां उन्होंने प्रोडक्ट की पूरी फीचर्स को शुरुआत से लेकर आखिर तक खुद बनाकर तैयार किया. 2020 तक, उनकी सैलरी बढ़कर 35,000 रुपये प्रति माह हो गया क्योंकि उन्होंने फुल-स्टैक डेवलपर की भूमिका संभाली और तकनीकी फैसलों में योगदान देना शुरू कर दिया.

इसके बाद साल 2021 में, उनकी सैलरी बढ़कर 45,000 रुपये प्रति माह हो गई जो बाद में बढ़कर 80,000 रुपये हो गई. इसी दौरान उन्होंने ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से ब्लॉकचेन सीखकर अपने स्किल्स बढ़ाए और साथ में छोटे-छोटे प्रोजेक्ट बनाए, जिससे आगे चलकर उन्हें बेहतर मौके मिलने लगे.
सैलरी में बढ़त की क्या थी वजह?
साल 2022 में उनके करियर में बड़ा मोड़ आया,जब लिंक्डइन के जरिए एक फ्रांसीसी ब्लॉकचेन स्टार्टअप ने उनसे संपर्क किया. कुछ इंटरव्यू के बाद उन्हें नौकरी मिल गई, जहां उन्हें करीब 3.5 लाख रुपये महीने की सैलरी मिलने लगी, जो उनके पहली सैलरी से कई गुना ज्यादा थी. इससे उनके करियर को बड़ी छलांग मिली और उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर काम करने का अनुभव भी मिला.
नौकरी छोड़ने का फैसला
लगभग डेढ़ साल तक अच्छी सैलरी पर काम करने के बाद, उन्होंने नौकरी छोड़ने और तमिलनाडु में अपनी खुद की कंपनी शुरू करने का फैसला किया. नौकरी करते हुए ही उन्होंने अपना साइड बिजनेस भी शुरू कर दिया था. आज उनकी कंपनी में नौ लोगों की टीम है और यह भारत, यूरोप और अमेरिका में ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है. हालांकि, अभी वे पहले की तुलना में कम कमा रहे हैं, लेकिन उन्होंने जल्दी पैसे के बजाय लंबे समय में आगे बढ़ने और सीखने को ज्यादा महत्व दिया है.