आजकल, हर तरह छंटनी की चर्चा चल रही है लेकिन इस बीच गुरुग्राम की रहने वाली प्रियंका गिरी लोगों को प्रेरणा दे रही है. दरअसल, प्रियंका पिछले 4 महीने से बेरोजगार थीं. यह वक्त उनके लिए बेहद मुश्किल भरा था. एक ओर जहां जॉब न होने का प्रेशर तो वहीं दूसरी ओर मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी से मिला रिजेक्शन ने उन्हें तोड़ दिया था. लेकिन इस दौरान प्रियंका ने हार नहीं मानी और अपनी कोशिश जारी रखी और दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल में अपनी नौकरी पक्की कर ली.
सोशल मीडिया पर शेयर की जर्नी
प्रियंका ने सोशल मीडिया पर अपनी इस जर्नी को लेकर पोस्ट किया जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने उन लोगों को आड़े हाथों में लिया है जो कहते हैं कि इन बड़ी कंपनियों में जाना बहुत मुश्किल है. उनका मानना है कि लोग अक्सर जानबूझकर कॉम्पिटिशन कम करने के लिए इस तरह की बातें करते हैं. प्रियंका गिरी की ये सक्सेस स्टोरी उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन गई है, जो मंदी के डर से बेचैन हो गए हैं.
कुछ नहीं होता है नामुमकिन
प्रियंका गिरी ने अपने वायरल वीडियो में बिल्कुल साफ तरीके से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि चार महीने की बेरोजगारी, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा में मिली रिजेक्शन के बाद आखिरकार मुझे गूगल में नौकरी मिल गई. इसे लेकर मैं आप सबसे कुछ कहना चाहती हूं. बार-बार यह कहना कि ऐसा नहीं हो सकता या यह नहीं हो पाएगा या यह बहुत मुश्किल है सब बकवास है. प्रियंका गिरी ने बताया कि जो लोग ऐसा बोलते हैं वह आपको डराते हैं, जिससे आप रेस से बाहर हो जाएं.
सही समय पर सब काम होते हैं...
अपनी पोस्ट में प्रियंका गिरी ने किस्मत को लेकर भी बेहद दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जगह होना बहुत जरूरी है. लेकिन अगर आप कोशिश ही नहीं करेंगे तो आप खुद को पहले ही रिजेक्ट कर लेते हैं. सोशल मीडिया पर उनकी इस बात को लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं. जहां एक ओर इस बात को लोग गुड लक बता रहे हैं, वहीं, कुछ यूजर्स अपने खुद के 10-10 महीनों के बेरोजगारी के अनुभव साझा किए.
वर्क कल्चर पर भी चर्चा
प्रियंका गिरी की सफलता ने टेक वर्क फ्लो ‘FAANG’ (फेसबुक, एप्पल, अमेजन,नेटफ्लिक्स, गूगल) के काम करने के तरीके को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है. सोशल मीडिया के यूजर्स का मानना है कि सिर्फ इन बड़ी कंपनियों में जाना ही सफलता नहीं है, बल्कि आप किस तरह की समस्याओं को हल कर रहे हैं और आपके काम की क्वॉलिटी क्या है, यह ज्यादा मायने रखता है.
फ्रेशर्स को दी ये सलाह
जब एक फ्रेशर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें 5 महीने के अनुभव के साथ नौकरी छोड़ देनी चाहिए? तो, प्रियंका गिरी ने फ्रेशर्स को सलाह दी कि बिना दूसरी नौकरी हाथ में हुए पहली नौकरी से इस्तीफा नहीं देना चाहिए. जॉब मार्केट वाकई में खराब है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप कोशिश करना छोड़ दें.