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AI टूल बनाने में जिन इंजीनियर्स ने की मदद, कंपनी ने कर दी उनकी छंटनी, वायरल पोस्ट में दावा

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि मेटा के उस कर्मचारी की भी छंटनी कर दी गई है जिसने AI टूल बनाने में कंपनी की मदद की थी. पोस्ट के वायरल होते ही लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. 

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META Layoffs Employee Who Made AI Tools For Company
META Layoffs Employee Who Made AI Tools For Company

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रही एक पोस्ट ने मेटा में AI और छंटनी को लेकर चल रही बहस को और हवा दे दी है. जूलियन नाम के एक यूजर की ओर से शेयर की गई इस पोस्ट में दावा किया गया है कि कर्मचारियों को छंटनी शुरू होने से पहले आंतरिक AI टूल बनाने के लिए कहा गया था. इस पोस्ट को अब तक 10 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है जिसके बाद से लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं. ये मुद्द ऐसे समय में उठ रहा है जब मेटा AI पर केंद्रित एक और बड़ा पुनर्गठन कर रही है. 

हालांकि, aajtak.in इस पोस्ट में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब Meta ने हाल ही में सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका समेत कई जगहों पर कर्मचारियों की छंटनी कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 मई से हजारों कर्मचारियों को नौकरी खत्म होने के ईमेल मिलने शुरू हो गए थे. कुछ लोगों को तो सुबह करीब 4 बजे ही नोटिस मिल गया. 

पोस्ट में क्या हो रहा है दावा? 

वायरल हो रहे इस पोस्ट में  जूलियन ने दावा किया कि META  की ओर से कुछ महीन पहले AI Week नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. उनके अनुसार, इस दौरान रोजाना के काम को रोक दिया गया और कर्मचारियों को AI टूल्स और नए वर्कफ्लो सीखने के लिए कहा गया. उन्होंने यह भी कहा कि हफ्ते के अंत तक कर्मचारियों को एक शुरुआती AI प्रोडक्ट तैयार करना था, जिसे आगे कंपनी के अंदर इस्तेमाल और विकसित किया जा सके. पोस्ट के अनुसार, जो प्रोजेक्ट्स चुने गए उन्हें आगे AI टीम और इंजीनियरों के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा. 

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यूजर ने पोस्ट में इस बात का भी दावा किया कि उनकी पत्नी ने कुछ महीनों तक सीनियर इंजीनियरों के साथ मिलकर एक AI प्रोजेक्ट पर काम किया. उन्हें लगा कि यह टूल आगे चलकर उनकी ही नौकरी की जरूरत कम कर सकता है, लेकिन फिर भी वह काम करती रहीं जिसके बाद से उन्हें ही नौकरी से निकाल दिया गया. जैसे ही ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई लोगों ने इसे AI के कारण व्हाइट-कॉलर नौकरियों के खतरे की तरह बताया. इस दौरान कई यूज़र्स ने कहा कि कंपनियां अब AI और ऑटोमेशन के हिसाब से अपनी टीमों को बदल रही है. हालांकि, इस पोस्ट की पूरी सच्चाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार Meta पहले से ही अपनी संरचना बदल रही है और AI पर ज्यादा फोकस कर रही है. 

तेजी के साथ आगे बढ़ रही है META

कंपनी की HR प्रमुख जेनेल गेल के एक नोटिस को मुताबिक, मेटा अब छोटी और ज्यादा तेज AI- फोक्सड टीमों की तरफ बढ़ रही है, जो जल्दी फैसले ले सकें और ज्यादा जिम्मेदारी उठा सकें. रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हजारों कर्मचारियों को AI प्रोजेक्ट्स और AI एजेंट्स से जुड़ी टीमों में शिफ्ट किया गया है.

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AI पर रहेगा फोकस 

खबरों के मुताबिक, मार्क जकरबर्ग के लिए आने वाले समय में भी AI ही कंपनी का सबसे बड़ा फोकस रहेगा. रिपोर्ट्स में ऐसा कहा गया है कि Meta इस साल AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर 100 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर सकती है, ताकि वह गूगल और OpenAI जैसी कंपनियों से मुकाबला कर सके.जकरबर्ग ने कहा है कि इस साल बड़े पैमाने पर छंटनी की संभावना नहीं है, हालांकि कुछ टीमों में छोटी कटौती हो सकती है. उन्होंने कर्मचारियों को यह भी बताया कि कंपनी अब छोटे AI-आधारित पॉड्स में काम कर रही है, जहां कम मैनेजमेंट और कम नौकरशाही होगी. 

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रिपोर्टर- अंकिता गर्ग
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