बीते कुछ वक्त में बॉलीवुड में बदलाव की बयार बहने लगी है. नये निर्देशकों की एक पूरी पीढ़ी बदलाव की ये नई इबारत लिख रही है. अनुराग, दिबाकर और तिग्मांशु जैसे निर्देशक अपनी कहानी और किरदारों को लेकर न सिर्फ़ ईमानदार नज़र आते हैं बल्कि उन्होंने अपनी तरह के सिनेमा के लिए नया दर्शक वर्ग भी ढूंढ़ लिया है.